पंजाब में शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए Bhagwant Mann की सरकार लगातार नए कदम उठा रही है। इसी कड़ी में सरकार ने PACE (Punjab Academic Coaching for Excellence) नाम की खास योजना शुरू की है। इस योजना का मकसद सरकारी स्कूलों के होनहार छात्रों को देश के बड़े संस्थानों जैसे Indian Institutes of Technology, National Institutes of Technology और All India Institute of Medical Sciences में दाखिला दिलाने के लिए मुफ्त कोचिंग देना है। सरकार का साफ कहना है कि पैसों की कमी किसी भी बच्चे के सपनों के रास्ते में रुकावट नहीं बननी चाहिए।
PACE योजना क्या है और क्यों शुरू की गई
PACE यानी Punjab Academic Coaching for Excellence एक ऐसी पहल है जिसके जरिए सरकारी स्कूलों के टैलेंटेड छात्रों को बड़े कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी करवाई जा रही है। आमतौर पर IIT, NIT और AIIMS जैसी परीक्षाओं की कोचिंग काफी महंगी होती है, जिसे हर परिवार अफोर्ड नहीं कर पाता।
ऐसे में पंजाब सरकार ने सोचा कि सरकारी स्कूल के बच्चों को भी वही मौके मिलें जो बड़े प्राइवेट स्कूलों के बच्चों को मिलते हैं। इसी सोच के साथ यह योजना शुरू की गई ताकि गांव-देहात के बच्चे भी बड़े सपने देख सकें और उन्हें पूरा कर सकें।
1700 से ज्यादा छात्रों को मिल रही मुफ्त कोचिंग
इस कार्यक्रम में कुल 1,728 छात्रों का चयन किया गया है। इन छात्रों को अलग-अलग केंद्रों पर रेजिडेंशियल कोचिंग कैंप में रखा गया, जहां उन्हें पढ़ाई के साथ सही माहौल और गाइडेंस भी मिल रही है।
कोचिंग के लिए तीन बड़े सेंटर बनाए गए हैं –
Bathinda – 601 छात्र
Ludhiana – 573 छात्र
Mohali – 554 छात्र
खास बात यह है कि इन कैंपों में काफी संख्या में लड़कियां भी शामिल हुई हैं, जिससे साफ दिखता है कि सरकार बेटियों की पढ़ाई को भी बराबर महत्व दे रही है।
पारदर्शी तरीके से हुआ छात्रों का चयन
सरकार ने इस योजना में छात्रों का चयन पूरी पारदर्शिता के साथ किया है। इसके लिए मॉक टेस्ट, विषयों की समझ और शिक्षकों की सिफारिश जैसे कई मापदंड तय किए गए।
इसके अलावा हर सेंटर पर लगभग 20 प्रतिशत सीटें अन्य सरकारी स्कूलों के छात्रों और ड्रॉप-ईयर स्टूडेंट्स के लिए भी रखी गईं, ताकि ज्यादा से ज्यादा बच्चों को इस मौके का फायदा मिल सके।
रेजिडेंशियल कैंप में मिल रहा पूरा सपोर्ट
इन कोचिंग कैंपों में बच्चों को सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि कंपटीटिव एग्जाम का पूरा सिस्टम समझाया जा रहा है। एक्सपर्ट टीचर्स उन्हें सवाल हल करने की ट्रिक, टाइम मैनेजमेंट और एग्जाम पैटर्न की बारीकियां भी सिखा रहे हैं।
रेगुलर टेस्ट, डाउट सेशन और पढ़ाई का सही माहौल मिलने से बच्चों का आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है। गांव के कई छात्र पहली बार ऐसी प्रोफेशनल कोचिंग का अनुभव कर रहे हैं।
सरकारी स्कूल के बच्चों के सपनों को मिलेगी उड़ान
पंजाब सरकार का मानना है कि सरकारी स्कूलों के बच्चे किसी से कम नहीं होते, बस उन्हें सही दिशा और संसाधन चाहिए।
शिक्षा मंत्री Harjot Singh Bains ने भी कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि सरकारी स्कूल का हर टैलेंटेड बच्चा देश के टॉप कॉलेजों तक पहुंचे।
विशेषज्ञों का मानना है कि PACE जैसी योजनाएं आने वाले समय में पंजाब के हजारों छात्रों की जिंदगी बदल सकती हैं। इससे न सिर्फ बच्चों का कॉन्फिडेंस बढ़ेगा बल्कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था भी और मजबूत होगी।
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