Pujya Bapu Rural Employment Guarantee Scheme: केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना MNREGA का नाम बदलने का बड़ा फैसला लिया है। शुक्रवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में ‘Pujya Bapu Rural Employment Guarantee Bill 2025’ को मंजूरी दे दी गई। सरकारी दावा है कि नया नाम इस योजना को एक नई पहचान देगा और ग्रामीण रोजगार से जुड़े सुधारों को नई दिशा मिलेगी।
MNREGA को नया नाम क्यों दिया गया?
सरकार हाल ही में कई सरकारी परिसरों और संस्थानों के नाम बदलकर उन्हें नई पहचान दे रही है।
- राज भवनों को लोक भवन नाम दिया गया
- PMO के नए कॉम्पलेक्स को सेवा तीर्थ नाम मिला
अब इसी क्रम में ग्रामीण रोज़गार योजना MNREGA का नाम बदलकर ‘Pujya Bapu Rural Employment Guarantee Scheme’ कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि यह नाम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज मॉडल को और मजबूत करेगा।
कब शुरू हुई थी MNREGA योजना?
MNREGA की शुरुआत 2 फरवरी 2006 को तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने 200 जिलों में की थी।
- 2008 तक यह योजना देश के 593 जिलों में लागू हो गई थी।
- इसका आधिकारिक नाम “Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act (MGNREGA)” था।
अब इसका नया नाम होगा — “Pujya Bapu Rural Employment Guarantee Act”।
सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि 100 दिनों की रोजगार गारंटी को बढ़ाकर 125 दिन किया जाएगा।
कितने लोग लेते रहे हैं योजना का लाभ?
योजना की शुरुआत से अब तक लगभग 15.4 करोड़ (154 million) ग्रामीण लोग MNREGA से जुड़े कामों में हिस्सा ले चुके हैं।
यह योजना ग्रामीण परिवारों को न्यूनतम रोजगार उपलब्ध कराने में लगातार अहम भूमिका निभाती रही है।
सरकार का कहना है कि नया नाम देने से यह कार्यक्रम और प्रभावी तरीके से ग्रामीण विकास में योगदान देगा।
कैबिनेट की बड़ी बैठक में और क्या फैसले हुए?
शुक्रवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में केवल MNREGA का नाम ही नहीं बदला गया, बल्कि कई अहम प्रस्ताव भी पेश किए गए—
- जनगणना बजट से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले
- शिक्षा सुधारों के लिए Developed India Education Foundation Bill 2025
- ग्रामीण और सामाजिक बुनियादी ढांचे में सुधार के नए प्रस्ताव
इन सब पर अंतिम स्वीकृति जल्द मिल सकती है।
नए नाम का मतलब—नई पहचान, नया संदेश
सरकार का कहना है कि योजना को नया नाम देने से इसका उद्देश्य और स्पष्ट होगा और युवाओं में भी जागरूकता बढ़ेगी।
नया नाम “Pujya Bapu” महात्मा गांधी के उस विचार को दर्शाता है जिसमें ग्रामीण भारत को देश की असली शक्ति बताया गया है।
सरकार उम्मीद कर रही है कि नया नाम और नए सुधार इस योजना को और मजबूत बनाएंगे, जिससे करोड़ों ग्रामीण परिवारों को बेहतर रोजगार अवसर मिलेंगे।





