
लगातार दूसरी बार भाजपा ने दी महिला नेत्री को टिकट
Political News – बैतूल – घोड़ाडोंगरी विधानसभा सीट से भाजपा ने गंगाबाई सज्जनसिंह उइके को अधिकृत उम्मीदवार घोषित किया है। लगातार दूसरी बार भाजपा ने महिला उम्मीदवार पर दांव चलाया है। 2018 में भी गीता रामजीलाल उइके को भाजपा ने चुनाव मैदान में उतारा था। लेकिन पूर्व विधायक गीता उइके कांग्रेस प्रत्याशी से चुनाव हार गई थी। राजनैतिक हल्को में गंगाबाई को उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर भाजपा के एक गुट में निराशा का वातावरण देखने में आया है। क्योंकि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मंगल सिंह अपनी टिकट फायनल मानकर चल रहे थे।
गंगाबाई को मिला महिला आरक्षण का फायदा | Political News

केंद्र में मोदी सरकार ने 1996 से लटके महिला आरक्षण बिल को संसद में पास कराने में सफलता प्राप्त की है। और इसी परिपे्रक्ष्य में महिला उम्मीदवारों को अधिक संख्या में उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर हलचल बढ़ गई है। इसी विधानसभा सीट से दो बार चुनाव जीते स्व. सज्जनसिंह उइके की धर्मपत्नी गंगाबाई उइके को शिवराज सिंह ने पिछले कार्यकाल के दौरान राज्य महिला आयोग का सदस्य बनाया था और उसके बाद से ही वे क्षेत्र में सक्रिय हो गई थी। लेकिन 2018 में उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया था। इसके बावजूद भी पिछले पांच वर्ष भी उन्होंने पूरी सक्रियता के साथ जीवंत संपर्क बनाए रखा जिसका फायदा उन्हें उम्मीदवारी के रूप में मिला।
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मंगल पर पड़ा राजनैतिक शनि भारी

मंगल सिंह उइके का लंबे समय से भाग्य साथ नहीं दे रहा है। 26 मार्च 2015 को जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित हुए मंगल सिंह धुर्वे को 2016 में विधायक सज्जन सिंह की मृत्यु के बाद हुए उपचुनाव में भाजपा ने प्रत्याशी बनाया था और इसी के चलते उन्हें 2 जून 2016 को जिला पंचायत अध्यक्ष के पद से इस्तीफा देना पड़ा था। विधानसभा के उपचुनाव में मंगल सिंह विधायक बन गए थे लेकिन 2018 के विधानसभा के चुनाव में उन्हें पुन: उम्मीदवार नहीं बनाया। इस तरह से जो मंगल सिंह 2020 तक जिला पंचायत अध्यक्ष रहते वो नवम्बर 2018 में ही ना विधायक रहे और ना जिला पंचायत अध्यक्ष रहे।
न जिपं उपाध्यक्ष बने न मिली टिकट | Political News
29 जुलाई 20222 को हुए जिला पंचायत चुनाव में एक बार फिर मंगल सिंह जिला पंचायत सदस्य बने तो उन्हें पार्टी जिला पंचायत उपाध्यक्ष बनाना चाह रही थी क्योंकि अध्यक्ष पद अनारक्षित था लेकिन बताया जाता है कि उन्होंने कहा कि मुझे उपाध्यक्ष नहीं विधायक का चुनाव लड़ना है। अब चुनाव से भी वंचित रह गए हैं। इस तरह से मंगल पर राजनैतिक शनि भारी पड़ता दिखाई दे रहा है। बताया जाता है कि कांग्रेस से भाजपा में आए चिचोली क्षेत्र के एक नेता के बड़बोलेपन का खामियाजा मंगलसिंह को भुगतना पड़ा है।
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