
Political News – बैतूल – जैसे-जैसे मध्यप्रदेश विधानसभा के चुनाव के पास आ रहे हैं वैसे-वैसे प्रदेश के दोनों राजनैतिक दल कांग्रेस-भाजपा में जिला स्तर पर संगठन में पदों की रेवड़ी बांटने की होड़ लग गई है। भाजपा में तो लगभग हर ग्राम, बूथ और मंडल स्तर पर भाजपा संगठन और मोर्चा संगठनों में लंबे समय से नियुक्तियां कर संगठनात्मक स्तर पर पार्टी मजबूत की है।
वहीं कांग्रेस में नियुक्तियां किए जाने पर विवाद सामने आने लगते हैं और जिले के प्रमुख गुट भोपाल पहुंचकर एक-दूसरे के समर्थक की नियुक्ति निरस्त करवाने की जुगाड़ में लग जाते हैं और इसी जुगाड़ के चलते कई ऐसी नियुक्तियां भी हो रही है जिससे संगठन में मजबूती के बजाए गुटबाजी बढ़ रही है।
पहली बार जिलाध्यक्ष पद हुआ विभाजित | Political News
कांग्रेस के संगठनात्मक इतिहास में जिले में पहली बार जिला अध्यक्ष का पद दो भागों में विभाजित कर दिया है। मई 2018 में कमलनाथ के कट्टर समर्थक सुनील शर्मा को जिला कांग्रेस अध्यक्ष की बागडोर सौंपी गई थी और उन्हीं के कार्यकाल में लंबे समय बाद नवम्बर 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को जिले की पांच से चार विधानसभा सीटों पर सफलता प्राप्त हुई थी जिसका प्रदेश स्तर पर श्रेय सुनील शर्मा को भी मिला था।
लेकिन 2023 के विधानसभा चुनाव आते-आते कांग्रेस के एक प्रभावशाली गुट ने सुनील शर्मा को जिला अध्यक्ष पद से हटाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया लेकिन सुनील शर्मा की कमलनाथ खेमे में पकड़ के चलते सुनील शर्मा तो नहीं हटे परंतु जिला कांग्रेस अध्यक्ष पद के दो भाग करते हुए हेमंत वागद्रे को जिला कांग्रेस ग्रामीण का अध्यक्ष मनोनीत कर दिया गया और सुनील शर्मा को पूर्णकालिक जिला अध्यक्ष की जगह जिला कांग्रेस अध्यक्ष शहर बना दिया गया।
कांग्रेस के सूत्रों के अनुसार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने इसी बीच एक आदेश जारी किया। जिसके अनुसार जिन जिलों में ग्रामीण और शहर अध्यक्ष हैं वहां शहर अध्यक्ष मात्र जिला मुख्यालय के शहर का अध्यक्ष होगा। वैसे तो यह आदेश प्रदेश के उन बड़े शहरों इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन को दृष्टिगत रखते हुए जारी किया गया था जहां शहर के अंदर ही तीन से चार विधानसभा सीटें हैं।
लेकिन यह आदेश पूरे प्रदेश पर लागू हो गया। इस आदेश को माने तो बैतूल की स्थिति में सुनील शर्मा जिला कांग्रेस अध्यक्ष शहर के रूप में बैतूल शहर के अध्यक्ष रह गए हैं। लेकिन प्रदेश कांग्रेस के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सुनील शर्मा को जिले में कांग्रेस को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जाने वाली है।
बैतूल शहर में हो गए तीन कांग्रेस अध्यक्ष | Political News

गुटबाजी ने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में इतने मतभेद और विवाद पैदा कर दिए हैं कि प्रदेश कांग्रेस को विधानसभा चुनाव को दृष्टिगत रखते हुए हर जगह कार्यवाहक अध्यक्ष भी नियुक्त करना पड़ रहा है और इससे उन बड़े नेताओं को संतुष्टि मिल रही है जो अपने गुट के कार्यकर्ताओं को पद दिलवा रहे हैं। इसी के चलते बैतूल शहर में अब तीन नगर कांग्रेस अध्यक्ष दिखाई दे रहे हैं।
और इनका कार्यक्षेत्र बैतूल शहर के नगरीय पालिका के 33 वार्ड माने जा रहे हैं। जहां सुनील शर्मा जिला कांग्रेस अध्यक्ष शहर के रूप में इस नगर के कांग्रेस अध्यक्ष हैं। वहीं मोनू बडोनिया भी बैतूल नगर कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष के रूप में लम्बे समय से सक्रिय है और हाल ही में प्रशांत राजपूत नाम के कार्यकर्ता को बैतूल नगर कांग्रेस ब्लाक का कार्यवाहक अध्यक्ष मनोनीत किया है। और इस तरह से बैतूल नगर में तीन अध्यक्ष हो गए हैं।
- Also Read – Iphone 15 – जल्द दिल धड़काने आ रहा iPhone 15 Pro






Explore the ranked best online casinos of 2025. Compare bonuses, game selections, and trustworthiness of top platforms for secure and rewarding gameplaycasino activities.
Explore the ranked best online casinos of 2025. Compare bonuses, game selections, and trustworthiness of top platforms for secure and rewarding gameplaycasino activities.