PMFBY : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने PM किसान योजना की 21वीं किस्त जारी करने के तुरंत बाद किसानों को एक और बड़ी सौगात दी है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) में अब कई नई श्रेणियाँ जोड़कर किसानों को और बड़ी राहत दी गई है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि किसानों की लंबे समय से उठाई जा रही दो अहम मांगों को आखिरकार मंज़ूरी दे दी गई है।
अब वन्यजीवों और भारी बारिश से फसल नुक़सान भी बीमे में शामिल
शिवराज चौहान के अनुसार, अब तक PMFBY में प्राकृतिक आपदाएँ, सूखा, कीट हमला, रोग, तूफ़ान, ओलावृष्टि आदि शामिल थे। लेकिन किसान लगातार दो चीज़ों को बीमा में जोड़ने की मांग कर रहे थे—
- जंगली जानवरों द्वारा फसल का नुक़सान
- अत्यधिक बारिश, बाढ़ या लंबे समय तक पानीभराव से फसल चौपट होना
सरकार ने अब इन दोनों को भी PMFBY में शामिल कर दिया है। चौहान ने इसे किसानों के लिए “ऐतिहासिक निर्णय” बताया।
सरकार ने क्यों लिया ये फैसला?
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का लक्ष्य किसानों को हर परिस्थिति में सुरक्षित रखना है। किसानों की मेहनत को बरबाद होने से बचाना और समय पर मुआवज़ा दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। जंगली जानवरों व पानीभराव से फसलें नष्ट होने की घटनाएँ लगातार बढ़ रही थीं, जिसके कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था। इसलिए PMFBY में इन नुकसानों को जोड़ना बेहद ज़रूरी था।
फसल बीमा योजना में अब क्या-क्या होगा कवर? – पूरी लिस्ट देखें
- मौसम खराब होने के कारण बुवाई या रोपाई न कर पाने पर मुआवज़ा मिलेगा।
- फसल नष्ट होने पर मुआवज़ा—
- असमय बारिश,
- तूफ़ान,
- ओलावृष्टि,
- बाढ़,
- कीट हमला,
- फसल रोग,
- प्राकृतिक आपदा।
- कटाई के 14 दिन के भीतर अगर फसल ओलावृष्टि, बाढ़, लैंडस्लाइड, क्लाउडबर्स्ट या प्राकृतिक आग से नष्ट हो जाए तो भी बीमा मिलेगा।
- अब से जंगली जानवरों द्वारा फसल नुक़सान भी बीमे के तहत शामिल होगा।
- भारी बारिश व पानीभराव से फसल खराब होने पर भी पूरी भरपाई मिलेगी।
किसानों में खुशी की लहर, PMFBY और मज़बूत
इन नए नियमों के लागू होते ही देशभर के किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई है। फसल नुकसान की सबसे बड़ी दो परेशानियाँ अब बीमे के दायरे में आ गई हैं। इससे लाखों किसानों को सीधा फायदा होगा और कृषि जोखिम काफी हद तक कम होगा। सरकार का दावा है कि यह फैसला किसानों की आय सुरक्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।





