PM Modi Bhutan Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों भूटान के दौरे पर हैं। इस दौरे के दौरान भारत और भूटान के बीच कई अहम फैसले लिए गए हैं। भारत ने भूटान को 4,000 करोड़ रुपये की लाइन ऑफ क्रेडिट (Loan) देने का एलान किया है। इसके अलावा पीएम मोदी ने तीन महत्वपूर्ण एमओयू (MoUs) पर भी हस्ताक्षर किए हैं, जो दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करेंगे।
भूटान के पूर्व राजा से मुलाकात, हुआ खास स्वागत
पीएम नरेंद्र मोदी ने भूटान की राजधानी थिम्फू (Thimphu) में देश के चौथे और पूर्व राजा ड्रुक ग्यालपो जिग्मे सिंग्ये वांगचुक से मुलाकात की।दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों, सांस्कृतिक जुड़ाव और विकास परियोजनाओं पर चर्चा की।पीएम मोदी का भूटान में गर्मजोशी से स्वागत किया गया।यह दौरा भारत और भूटान के बीच “सदियों पुराने सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रिश्तों” को और गहराई देने वाला साबित हुआ है।
भारत ने दिया 4,000 करोड़ रुपये का कर्ज
भारत ने भूटान को ₹4,000 करोड़ रुपये का ऋण (Loan) देने की घोषणा की है।यह राशि भूटान में विकास परियोजनाओं, ऊर्जा, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए दी जाएगी।पीएम मोदी ने कहा कि भारत हमेशा अपने पड़ोसी देशों की प्रगति में सहयोग करता रहा है और भूटान के साथ यह रिश्ता विश्वास और भाईचारे पर आधारित है।
तीन अहम समझौते (MoU) हुए साइन
भूटान दौरे के दौरान भारत और भूटान के बीच तीन महत्वपूर्ण समझौते (MoUs) पर हस्ताक्षर हुए।इनमें नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy), स्वास्थ्य सेवा (Healthcare) और डिजिटल टेक्नोलॉजी से जुड़े करार शामिल हैं।भारत इन परियोजनाओं में तकनीकी सहायता और निवेश दोनों देगा। इन समझौतों का उद्देश्य भूटान को आत्मनिर्भर बनाना और दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को बढ़ाना है।
कलचक्र एम्पावरमेंट समारोह का किया उद्घाटन
पीएम मोदी ने भूटान में आयोजित कलचक्र एम्पावरमेंट समारोह (Kalachakra Empowerment Ceremony) का उद्घाटन किया।यह आयोजन 4 नवंबर से 17 नवंबर तक भूटान सरकार द्वारा थिम्फू में किया जा रहा है।यह कार्यक्रम भारत और भूटान के बीच आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रिश्तों को दर्शाता है।पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि भारत और भूटान सिर्फ पड़ोसी नहीं बल्कि “आध्यात्मिक साझेदार” हैं।





