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Pitru Dosh Upay: पितृ दोष क्यों बनता है और इसका जीवन पर असर

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Pitru Dosh Upay: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब पूर्वजों का श्राद्ध, तर्पण या स्मरण सही तरीके से नहीं हो पाता, तो पितृ दोष बनता है। पितृ दोष के कारण जीवन में बार-बार रुकावटें आती हैं। नौकरी, व्यापार, विवाह और संतान सुख में बाधाएं देखने को मिलती हैं। माना जाता है कि जब तक पितर प्रसन्न नहीं होते, तब तक जीवन में स्थिरता और शांति नहीं आती।

अमावस्या और पूर्णिमा का खास महत्व

पितृ दोष से मुक्ति के लिए अमावस्या और पूर्णिमा की तिथि को सबसे श्रेष्ठ माना गया है। इन दिनों पितृ तर्पण और दान करने से पूर्वज जल्दी प्रसन्न होते हैं। खासकर पितृ पक्ष और हर महीने की अमावस्या पर किए गए उपाय अत्यंत फलदायी माने जाते हैं। इस दिन श्रद्धा भाव से किए गए कर्म कई जन्मों के दोषों को शांत कर देते हैं।

पितृ दोष से मुक्ति के लिए जरूरी दान

पितृ दोष को शांत करने के लिए जौ के आटे और जल से बने पिंड का तर्पण करना चाहिए। पक्षियों को दाना डालना भी शुभ माना गया है। तुलसी के पौधे और शालिग्राम भगवान की नियमित पूजा करने से पितरों की कृपा बनी रहती है। अस्पताल में जरूरतमंद लोगों को दवाइयों का दान करना भी पितृ दोष के प्रभाव को कम करता है।

करियर और व्यापार में आ रही रुकावटें होंगी दूर

अगर पितृ दोष के कारण नौकरी या व्यापार में बार-बार अड़चन आ रही है, तो यह उपाय विशेष रूप से लाभकारी होते हैं। नियमित तर्पण, दान और सेवा से न केवल पूर्वज प्रसन्न होते हैं, बल्कि जीवन में स्थिरता और उन्नति भी आने लगती है। माना जाता है कि पितरों की कृपा से अचानक रुके हुए काम बनने लगते हैं।

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वैवाहिक सुख के लिए करें ये विशेष उपाय

वैवाहिक जीवन में सुख और शांति के लिए शिवलिंग पर पंचामृत से अभिषेक करें। माता पार्वती को पीले वस्त्र अर्पित करें और किसी सुहागिन स्त्री को श्रृंगार सामग्री दान में दें। मंदिर में पीले वस्त्र का दान करना भी शुभ माना गया है। इन उपायों से दांपत्य जीवन में मधुरता आती है और पितृ दोष के नकारात्मक प्रभाव धीरे-धीरे समाप्त होने लगते हैं।

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