खबरवाणी
जगह-जगह कचरे के ढेर, नालिया चोक
ग्राम पंचायत नवापुर की कार्यप्रणाली से ग्रामीण परेशान
भैंसदेही स्वच्छता अभियान के नाम पर लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। रैली और कार्यक्रमों के माध्यमों से स्वच्छता का संदेश दिया जा रहा है, लेकिन नवापुर पंचायत में स्वच्छता मिशन पूरी तरह से फेल नजर आ रहा है। जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं। जिससे ग्रामवासी परेशान है। हालात यह है कि गांवों में कचरा एकत्रित करने के लिए जो नाडेप बनाये थे, उनकी तक सफाई नहीं हो रही है। सबसे खराब स्थिति नवापुर पंचायत की है, यहां ग्रामीण जो कचरा डाल रहे है, वह भी नाडेप टांके से बाहर गिर रहा है, जिससे गंदगी फैल रही है। ग्रामीणों ने बताया कि नाडेप की लंबे समय से सफाई नहीं हुई है। इस कारण ग्रामीणों को गंदगी और बदबू की समस्या से सामना करना पड़ रहा है। कई बार पंचायत को सफाई के लिए भी कहा, लेकिन ग्राम पंचायत सफाई नहीं करवा रही। गंदगी के कारण बीमारियां फैलने का खतरा है। ग्रामीणों ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों में नाडेप योजना के तहत कूड़ादान बनाया गया था। लेकिन इसकी भी पंचायत समय पर सफाई नहीं करवा रही है। इस कारण लोग कचरा यहां-वहां फेंक रहे है और गांव में गंदगी फैल रही है।
भगवान भरोसे चल रहा स्वच्छता अभियान
नवापुर पंचायत में लगे कचरे के ढेर को देखकर तो यहीं कहा जा सकता है कि पंचायत में स्वच्छता अभियान भगवान भरोसे ही चल रहा है और ग्रामीण गंदगी के कारण परेशान है। पंचायत के तो हाल यह है कि यहां न तो गांवों की गलियों की सफाई होती है और न ही नाडेप टांकों से कचरा निकालकर व्यवस्थित किया जा रहा है। जिसके कारण कचरे का अंबार लगा रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में जहां-तहां कचरे के ढेर लग रहे है। महीनों तक कचरा पड़ा रहता है। इसे उठाया तक नहीं जाता। धीरे-धीरे गांव में कचरे के ढेर लगाते जा रहे है। गंदगी के कारण मच्छर पनप रहे है। पंचायत द्वारा स्वच्छता अभियान को नजर अंदाज किये जाने से ग्रामीणों में भी नाराजगी है।
सफाई कर्मचारी नहीं होने का बता रहे कारण
ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत द्वारा साफ सफाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। नियमित रूप से गांवों में सफाई नहीं होती, क्योंकि पंचायत ने सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं की गई। ऐसे में ग्रामीण स्वत: ही सडक और गलियों की सफाई करते है। ग्रामीणों द्वारा एकत्रित कचरे का भी निपटान पंचायत द्वारा नहीं कराया जा रहा है। जिससे इकठ्ठा कचरा हवा से फैल जाता है। कचरा घर नहीं होने से कचरा फेंकने में परेशानी उठानी पड़ रही है। नालियों की सफाई भी नहीं कराई जाती। स्थानीय लोगों ने पंचायत से नियमित साफ- सफाई कराने की मांग की है।
बजबजा रही नालियां, मच्छरों की भरमार
घर के सामने बड़ी मात्रा में कचरा नालियों में भरा पड़ा है। जिससे पानी की निकासी बंद हो गई है। परिवार के कई सदस्य मच्छरों के काटने से बीमार पड़ रहे है। ग्रामीणों का कहना है कि वे स्वयं के पैसे से मजदूर बुलवाकर अपने घर के आसपास साफ-सफाई कराते है। उन्होंने कहा कि पूरी पंचायत में साफ-सफाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शिकायत करने पर भी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। पंचायत के अधिकारी भी साफ-सफाई पर ध्यान नहीं देते है। जिससे पूरी पंचायत और गांव में जगह-जगह कचरे के ढेर और नालियो चोक नजर आ रही है।






