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पुलिस और प्रबंधन के दबाव में शुरू हुआ आंशिक भुगतान
खबरवाणी न्यूज़ रफीक
सारनी। वेस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) के पाथाखेड़ा क्षेत्र की तीनों खदानों में ठेका मजदूरों का बकाया वेतन को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन आंदोलन शनिवार को नौवें दिन भी जारी रहा। मजदूरों का आरोप है कि दो माह से अधिक समय से उन्हें पूरा वेतन नहीं मिला है। होली जैसे प्रमुख त्योहार से पहले वेतन नहीं मिलने से मजदूरों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। आंदोलन में महिला मजदूर भी बड़ी संख्या में शामिल हैं और ठेकेदारों पर वेतन कटौती व दबाव बनाने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
शनिवार को नगर पालिका अध्यक्ष किशोर बरदे आंदोलन स्थल पर पहुंचे और मजदूरों से चर्चा कर जल्द समाधान का आश्वासन दिया। इसी दौरान एक महिला मजदूर को कथित रूप से पैसे वापस नहीं करने पर काम से रोकने का मामला सामने आया, जिस पर समाज सेवियों ने विरोध जताया। एटक यूनियन पाथाखेड़ा के महामंत्री श्रीकांत चौधरी ने प्रबंधन के एपीएम से संपर्क कर मामला उठाया, जिसके बाद महिला मजदूर को अगले दिन से काम पर बुलाने पर सहमति बनी। आंदोलन की कमान संभाल रहे समाजसेवी प्रदीप नागले, संतोष देशमुख और मनोज पवार ने कहा कि जब तक सभी मजदूरों को पूरा बकाया वेतन नहीं मिल जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
इधर आंदोलन को लेकर सारनी थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद थाना प्रभारी जयपाल इवनाती ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं पाथाखेड़ा जीएम संजय मिश्रा और एपीएम ने ठेकेदारों की बैठक लेकर मजदूरों का भुगतान जल्द करने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस और प्रबंधन के दबाव के बाद कुछ ठेकेदारों ने मजदूरों के खातों में आंशिक भुगतान डालना शुरू कर दिया है, जबकि अन्य ठेकेदार भी भुगतान की प्रक्रिया में लगे हुए हैं। मजदूरों का कहना है कि कुछ ठेकेदार केवल 500 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से राशि जमा कर रहे हैं, जो पर्याप्त नहीं है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि इस तरह का भुगतान कर ठेकेदार मजदूरों में फूट डालने की कोशिश कर रहे हैं। मजदूरों ने स्पष्ट कर दिया है कि पूरा बकाया वेतन मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।





