Panchang : गुरुवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास है। इस दिन सनातन धर्म में स्कंद षष्ठी का व्रत रखा जाएगा, जो भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र भगवान कार्तिकेय को समर्पित है। मान्यता है कि इस व्रत को श्रद्धा से करने पर परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और संतान को दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है। इसी दिन ईसाई समुदाय क्रिसमस का पर्व भी पूरे हर्षोल्लास से मनाएगा।
तिथि, नक्षत्र और चंद्र मास की स्थिति
द्रिक पंचांग के अनुसार, पौष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि सुबह से दोपहर करीब 2 बजे तक रहेगी। इसके बाद षष्ठी तिथि शुरू हो जाएगी, जो अगले दिन सुबह तक रहेगी। नक्षत्र की बात करें तो सुबह तक धनिष्ठा नक्षत्र रहेगा, इसके बाद शतभिषा नक्षत्र देर रात तक प्रभावी रहेगा।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रमा का समय
25 दिसंबर 2025 को सूर्योदय सुबह 7:12 बजे और सूर्यास्त शाम 5:31 बजे होगा। वहीं चंद्रमा का उदय 10:49 बजे सुबह और चंद्रास्त रात 10:25 बजे रहेगा। व्रत और पूजा करने वालों के लिए यह जानकारी खास मायने रखती है।
शुभ-अशुभ योग और राहुकाल का समय
सुबह से 3:13 बजे तक वज्र योग रहेगा, इसके बाद सिद्धि योग शुरू होगा, जो 26 दिसंबर की सुबह तक चलेगा। सुबह 8:18 बजे से रवि योग और आदल योग आरंभ होंगे। वहीं राहुकाल गुरुवार को दोपहर 1:30 से 3:00 बजे तक रहेगा, इस दौरान पूजा या कोई शुभ काम करने से बचना चाहिए।
नौ ग्रहों की स्थिति और पूजा का शुभ समय
25 दिसंबर 2025 को सूर्य, मंगल और शुक्र धनु राशि में रहेंगे। गुरु मिथुन, शनि मीन, बुध वृश्चिक, राहु और चंद्रमा कुंभ तथा केतु सिंह राशि में स्थित होंगे। स्कंद षष्ठी की पूजा के लिए सुबह का समय और सिद्धि योग सबसे उत्तम माना जा रहा है।





