Search ई-पेपर ई-पेपर WhatsApp

Pakistan Afghanistan War: बिना दवा के क्या डायबिटीज ठीक हो सकती है? आचार्य मनीष जी ने बताया देसी तरीका

By
On:

Pakistan Afghanistan War: आजकल डायबिटीज यानी शुगर की बीमारी आम हो गई है। खराब लाइफस्टाइल, उल्टा-सीधा खानपान, मोटापा और टेंशन इसकी बड़ी वजह बन रहे हैं। सवाल उठता है कि क्या बिना दवा के डायबिटीज ठीक हो सकती है? आयुर्वेद विशेषज्ञ Acharya Manish Ji का कहना है कि डायबिटीज को पूरी तरह खत्म करना मुश्किल है, लेकिन इसे कंट्रोल जरूर किया जा सकता है।

डायबिटीज क्या है और कितने प्रकार की होती है?

डायबिटीज मुख्य रूप से दो प्रकार की मानी जाती है – टाइप 1 और टाइप 2। टाइप 1 में शरीर इंसुलिन बनाना लगभग बंद कर देता है। वहीं टाइप 2 डायबिटीज ज्यादातर गलत खानपान और सुस्त जीवनशैली की वजह से होती है।

टाइप 2 को शुरुआती स्टेज में कंट्रोल या रिवर्स किया जा सकता है, बशर्ते इंसान समय रहते संभल जाए। यहीं पर सही डाइट और दिनचर्या बहुत काम आती है।

क्या बिना दवा के कंट्रोल हो सकती है शुगर?

आचार्य मनीष जी के मुताबिक टाइप 2 डायबिटीज वाले कई मरीज सही खानपान, रोजाना योग और वजन कंट्रोल करके दवा पर निर्भरता कम कर सकते हैं।

लेकिन ध्यान रहे, ये सब नियमित और अनुशासन से करना होगा। अगर शुगर लेवल बहुत ज्यादा रहता है, तो डॉक्टर की दवा जरूरी हो जाती है। केवल घरेलू नुस्खों के भरोसे बैठना ठीक नहीं।

खाना खाते समय रखें ये देसी नियम

आचार्य जी सलाह देते हैं कि खाना हमेशा शांति से बैठकर खाएं। संभव हो तो वज्रासन में बैठकर भोजन करें। इससे पाचन बेहतर होता है और शुगर लेवल संतुलित रहता है।

खाने को अच्छे से चबा-चबा कर खाएं। इससे ग्लूकोज धीरे-धीरे ब्लड में जाता है और अचानक शुगर नहीं बढ़ती। देसी भाषा में कहें तो “जल्दी-जल्दी मत निगलो, आराम से खाओ।”

सलाद और पानी को लेकर खास सावधानी

भोजन से पहले कच्ची सब्जियां या सलाद जरूर खाएं। इनमें फाइबर भरपूर होता है, जो खाने के ग्लाइसेमिक असर को कम करता है।

खाना खाते समय ज्यादा पानी न पिएं। आयुर्वेद के अनुसार इससे पाचन अग्नि कमजोर होती है। सुबह खाली पेट उकड़ूं बैठकर पानी पीना भी फायदेमंद बताया गया है।

Read Also:Gold Silver Prices Live Updates: सोना ₹1.60 लाख के नीचे, चांदी भी फिसली – आज का ताज़ा भाव जान लें

कब जरूरी है दवा लेना?

अगर ब्लड शुगर लगातार हाई बनी रहती है, कमजोरी, चक्कर या अन्य लक्षण दिखते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। दवा और मेडिकल मैनेजमेंट को नजरअंदाज करना खतरे से खाली नहीं है।

देसी नुस्खे सहायक हो सकते हैं, लेकिन सही इलाज और जांच के साथ ही डायबिटीज को कंट्रोल में रखा जा सकता है। नियमित जांच, संतुलित आहार और एक्टिव लाइफस्टाइल ही असली चाबी है।

For Feedback - feedback@example.com
Home Icon Home E-Paper Icon E-Paper Facebook Icon Facebook Google News Icon Google News