Search ई-पेपर ई-पेपर WhatsApp

ढाका में 15 साल बाद पाक-बांग्लादेश के डिप्लोमैट्स आमने-सामने

By
On:

बांग्लादेश की राजधानी ढाका के पॉश पद्मा स्टेट गेस्ट हाउस में एक ऐसी मुलाकात होने जा रही है, जिसने भारत की विदेश नीति से जुड़े हलकों में हलचल मचा दी है. लगभग 15 साल बाद पाकिस्तान और बांग्लादेश के टॉप डिप्लोमैट्स आमना बलोच और एमडी जाशिमुद्दीन एक ही टेबल पर आमने-सामने बैठने वाले हैं.

ये मीटिंग ऐसे वक्त में होने जा रही है जब भारत बांग्लादेश के रिश्ते पहले जैसे मजबूत नहीं रहे हैं. दूसरी ओर पाकिस्तान की बांग्लादेश में इस तरह की कूटनीतिक एंट्री को कई सवालों की नजर से भी देखा जा रहा है.

विदेश स्तर की बातचीत 15 साल बाद
पाकिस्तानी विदेश सचिव आमना बलोच इस दौरान बांग्लादेश के विदेश सचिव जाशिमुद्दीन के साथ विदेश मंत्रालय स्तर की बातचीत यानी फॉरेन ऑफिस कंसल्टेशन (FOC) करेंगी. दोनों देशों के बीच आखिरी फॉरेन ऑफिस कंसल्टेशन की बैठक 2010 में हुई थी. इसके अलावा, वो बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार तौहीद हुसैन और मोहम्मद यूनुस से भी मुलाकात करेंगी. इस दौरे पर पाकिस्तान और बांग्लादेश के रिश्तों को नई दिशा देने की तैयारी है. चर्चा है कि इस दौरे के बाद पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार भी ढाका आ सकते हैं जो कि 2012 के बाद किसी पाकिस्तानी विदेश मंत्री का पहला बांग्लादेश दौरा होगा.

मीटिंग का ऐजेंडा क्या है?
इस बैठक का एजेंडा काफी दिलचस्प है. रिपोर्ट्स के अनुसार, ढाका यूनिवर्सिटी में पाकिस्तानी छात्रों पर लगा बैन हटा दिया गया है, और वीजा नीतियों में भी ढील दी गई है. पाकिस्तान सीधी हवाई सेवा शुरू करने, व्यापारिक संपर्क बढ़ाने और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठा रहा है. इससे ये तो साफ है कि इस बार पाकिस्तान की दिलचस्पी सिर्फ कूटनीतिक बैठकों तक सीमित नहीं है, बल्कि बांग्लादेश में अपनी खोई हुई पकड़ दोबारा पाने के इरादे से आया है.

भारत के लिए डिप्लोमैटिक अलार्म?
2024 में 15 साल से प्रधानमंत्री के पद पर बैठी शेख हसीना सरकार के पतन के बाद बांग्लादेश की सत्ता एक अंतरिम सरकार के हाथ में है. जिसके चीफ एडवाइजर मोहम्मद यूनुस पर पहले ही चीन के प्रति झुकाव और भारत को नजरअंदाज करने के आरोप लग चुके हैं. अब जब पाकिस्तान को भी वहां कूटनीतिक स्पेस मिलता दिख रहा है, तो यह भारत के लिए एक डिप्लोमैटिक अलार्म जैसा है. चीन के बाद अब पाकिस्तान को बांग्लादेश में तवज्जो मिलना इस बात का संकेत है कि दक्षिण एशिया की राजनीति में समीकरण तेजी से बदल रहे हैं.

For Feedback - feedback@example.com
Home Icon Home E-Paper Icon E-Paper Facebook Icon Facebook Google News Icon Google News