Over Flame Roti Causes Cancer: आज के समय में ज्यादातर घरों में रोटी गैस चूल्हे पर ही बनाई जाती है। कई लोग पहले तवे पर रोटी सेंकते हैं और फिर उसे सीधे गैस की आग पर फुला लेते हैं ताकि रोटी नरम बने और जल्दी पक जाए। देखने में यह तरीका आसान लगता है, लेकिन सेहत के लिहाज से यह आदत नुकसानदेह साबित हो सकती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि तेज आंच पर रोटी सेंकने से उसमें हानिकारक तत्व पैदा हो सकते हैं।
गैस की सीधी आग पर रोटी सेकने से क्या नुकसान
जब रोटी को सीधे तेज गैस की लौ पर रखा जाता है, तो उस पर काले जले हुए धब्बे पड़ जाते हैं। ये जले हुए हिस्से शरीर के लिए बिल्कुल अच्छे नहीं माने जाते। डॉक्टरों और पोषण विशेषज्ञों के मुताबिक, जली हुई रोटी में कुछ ऐसे केमिकल बन सकते हैं जो लंबे समय तक सेवन करने पर सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। खासतौर पर इनमें कैंसरकारक तत्व बनने का खतरा बढ़ जाता है।
पाचन और पोषण पर पड़ता है असर
सीधी आग पर जली रोटी खाने से पाचन तंत्र कमजोर हो सकता है। ऐसी रोटी पेट में गैस, एसिडिटी और दर्द की समस्या बढ़ा सकती है। इसके अलावा, तेज आंच पर पकने से रोटी के अंदर मौजूद जरूरी पोषक तत्व भी नष्ट हो जाते हैं। यानी रोटी पेट तो भरती है, लेकिन शरीर को पूरा पोषण नहीं दे पाती।
रोटी बनाने का सही देसी तरीका
एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि रोटी हमेशा मध्यम या धीमी आंच पर बनाई जानी चाहिए। रोटी को तवे पर अच्छे से सेंकें और उसे कपड़े या चिमटे की मदद से हल्का-सा फुलाएं। बच्चों और बुजुर्गों के लिए रोटी खासतौर पर धीमी आंच पर ही बनानी चाहिए। इससे रोटी न जलेगी और आसानी से पच भी जाएगी।
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पुराने तरीके से बनी रोटी के फायदे
देसी तरीके से बनी रोटी सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद होती है। धीमी आंच पर पकाई गई रोटी में पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं और यह पेट के लिए हल्की होती है। ऐसी रोटी खाने से गैस, कब्ज और एसिडिटी जैसी समस्याएं कम होती हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि रोजमर्रा की छोटी आदतों में बदलाव करके हम बड़ी बीमारियों से बच सकते हैं।





