कर्मचारियों का कहना कार्यालयों को बंद करना पेंशनधारकों के हितों के खिलाफ
Oppose: मध्य प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ और अन्य कर्मचारी संगठनों ने राज्य के जिलों में संचालित पेंशन कार्यालयों को बंद करने के सरकार के निर्णय का विरोध किया है। कर्मचारियों का मानना है कि इन कार्यालयों को बंद करना पेंशनधारकों के हितों के खिलाफ है और इससे उनके लिए गंभीर समस्याएं उत्पन्न होंगी।संघ के प्रदेश महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने कहा कि यह कदम पेंशनधारकों के लिए दूरगामी नुकसान का कारण बनेगा। जिला स्तर पर कार्यालयों के बंद होने से पेंशन से संबंधित किसी भी समस्या के लिए पेंशनधारकों को भोपाल जाना पड़ेगा, जो खासकर बुजुर्ग पेंशनधारकों के लिए शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से कष्टकारी होगा।तिवारी ने यह भी बताया कि पेंशनधारकों में बड़ी संख्या ऐसे कर्मचारियों की है, जो 60-62 वर्ष से अधिक उम्र के हैं, और कई तो 90 वर्ष से ऊपर भी हैं। उनके लिए जिले में स्थित पेंशन कार्यालयों तक पहुंचना आसान है, लेकिन भोपाल आना उनके लिए मुश्किल होगा। विशेष रूप से उन बुजुर्ग पेंशनधारकों के लिए, जिनके परिवार के सदस्य दूर रहते हैं, कार्यालयों के स्थानीय स्तर पर बंद होने से बड़ी समस्या खड़ी होगी।तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अतुल मिश्रा और कार्यकारी अध्यक्ष मोहन अय्यर ने भी मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि सरकार संवेदनशीलता दिखाते हुए जिला पेंशन कार्यालयों को बंद करने का निर्णय वापस ले। उनका कहना है कि यह निर्णय न केवल पेंशनधारकों के लिए असुविधाजनक है, बल्कि इससे उनकी आर्थिक सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है।
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