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पंच परिवर्तन से ही भारत विश्वगुरु बनेगा

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खबरवाणी

पंच परिवर्तन से ही भारत विश्वगुरु बनेगा

मुलताई। नगर में शनिवार को कृषि उपज मंडी में पांचवे एवं अंतिम विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया।इस अवसर पर नगर की सभी पांचो बस्तियों से कलश एवं शोभायात्रा निकाली गई जो अपनी बस्ती से आकर नगर के मध्य फव्वारा चौक से एक साथ होकर कृषि उपज मंडी प्रांगण पहुंची। जनसमूह के साथ चल रही झांकियों में पंच समाज के महापुरुष, महर्षि वाल्मीकि, शिवाजी महाराज एवं अन्य महापुरुषों की झांकियां चल रही थी। इस दौरान बजरंग अखाड़े के पहलवानों द्वारा करतब दिखाए गए।कृषि उपज मंडी प्रांगण पर नगर के न्यू कार्मेल कान्वेंट स्कूल के छात्र-छात्राओं द्वारा वीर छत्रपति संभाजी महाराज एवं स्वदेशी अपनाओ – भारत बढ़ाओ नाटक के मंचन द्वारा सभी श्रोताओं का मन मोह लिया। हिंदू सम्मेलन में सभी समाज के प्रमुखों का सम्मान किया गया। जिसके पश्चात राष्ट्रीय सेविका समिति की प्रतिभा ठाकुर द्वारा समाज में पंच परिवर्तन द्वारा भारत को विश्वगुरु बनाने की समझाइश दी गई। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पधारे प्रांत कार्यवाह हेमंत सेठिया द्वारा सकल हिंदू समाज को संबोधित किया गया। अपने उद्बोधन में श्री सेठिया ने कहा कि लगातार पराधीन रहने के कारण हिंदू अपनी शक्ति को भूल गया था। देश के राजनीतिज्ञों के द्वारा कहा गया था कि हम भारत की एक इंच भी जमीन पर भगवा नहीं फहराने देंगे, लेकिन आज भारत में कोई ऐसी जगह नहीं है जहां भगवा नही फहरा रहा है। यह देश चंद्रगुप्त मौर्य, राजा भोज,छत्रपति शिवाजी एवं पोरस जैसे वीरों का है, इसमें जो जीता वही सिकंदर कहां से आ गया हमें पता ही नहीं चला। भारत भूमि देवभूमि है यहां हर समाज में देवताओं एवं महापुरुषों का जन्म हुआ है, जिन्होंने समाज को एक सूत्र में बांधने के लिए काम किया। लेकिन दुर्भाग्य से हम जातिवाद के बंकर में छुप गए हमें इस बंकर से बाहर निकलकर अपनी मातृभूमि भारत की रक्षा करना है तथा संपूर्ण हिंदू समाज को अपना बनाना है। तभी हम हिंदू समाज अपने साथ चल रहे कुचक्र एवं षडयंत्रों से बच पाएंगे। हमारे भोले-भाले समाज बंधुओ को थोड़ा सा चमत्कार दिखाकर या प्रलोभन देकर ईसाई मिशनरियों द्वारा मतांतरित कर लिया जा रहा है। लव जिहाद, लैंड जिहाद, गौ तस्करी जैसी घटनाएं प्रतिदिन घट रही है। हम असावधान अचेत है, इसलिए यह दुर्घटनाएं घट रही है, हमें सावधान रहने की आवश्यकता है।कार्यक्रम के अंत में भारत माता की आरती की गई एवं समरसता भोज का आयोजन किया गया।

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