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गीता जयंती के अवसर पर कलश यात्रा निकालकर मातृशक्तियो ने लिया आदर्श ग्राम बनाने का संकल्प

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खबरवाणी

गीता का दिव्य ज्ञान हमारे जीवन को बनाता है अलौकिक – आशुतोष चौहान

गीताज्ञान जीवन के हर संघर्ष में करता है सही मार्गदर्शन – राने

जीवन में कर्म के अनुसार ही होता है फल प्राप्त – आजाद

आठनेर सेक्टर के ग्राम गुनखेड में गीता व्याख्यान माला कार्यक्रम का आयोजन

गीता जयंती के अवसर पर कलश यात्रा निकालकर मातृशक्तियो ने लिया आदर्श ग्राम बनाने का संकल्प“”

आठनेर।मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद आठनेर एंव ग्राम गुनखेड़ की स्वसहायता समुहो की बहनो के संयुक्त तत्वाधान मे आज ग्राम गुनखेड के हनुमान मंदिर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राम के मुख्य मार्ग पर ग्राम की महिलाओं द्वारा सिर पर कलश रखकर,गीता जी को सर पर रखकर मांगलिक वेशभूषा में वाद्य यंत्रों के साथ शोभायात्रा निकालकर किया गया।शोभायात्रा का समापन ग्राम के हनुमान मंदिर में किया गया।कार्यक्रम के मुख्य वक्ता समाजसेवी आशुतोष सिंह चौहान ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने रणभूमि में अर्जुन को ज्ञानबोध कराया वही शब्द रूप में गीता है।इसमें कुल अठारह अध्याय और सात सौ श्लोक है।सभी अध्याय का अपना अलग अलग महत्व है।श्री गीता उपनिषदों का सार है।गीता ज्ञान मनुष्य के जीवन की सभी कठिनाइयों को आसान बनाता है।उन्होंने आगे बताया कि श्रीनारायण क्षीरसागर में विश्राम करते हुए लक्ष्मी जी से कहते हैं कि श्री गीताजी के पांच अध्याय मेरे मुख है,दस अध्याय मेरी भुजा हैं,सोलहवां अध्याय मेरा हृदय और मन और मेरा उदर है,सत्रहवां अध्याय मेरी जंघा है,अठारहवां अध्याय मेरे चरण हैं।गीता श्लोक ही मेरी नाड़ियां हैं और जो गीता के अक्षर है मेरा रोम रोम हैं।अतः हमें श्री गीता का नियमित अध्ययन करके उसकी सीख जीवन में अमल में लाना चाहिए।गीताजी का दिव्य ज्ञान का प्रकाश हमारे जीवन को अलौकिक बनाता है। मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम के परामर्शदाता एवं नगर मंडल अध्यक्ष गोवर्धन राने उपस्थित जन समूह को संबोधित करते हुए कहा कि गीता न केवल आध्यात्मिक ग्रंथ है,बल्कि जीवन के हर संघर्ष में मार्गदर्शन देने वाला व्यवहारिक ज्ञान भी है।जब मनुष्य भ्रम,भय और निराशा में डूब जाता है,तब गीता का ज्ञान उसे सही दिशा प्रदान करता है।नवांकुर संस्था भवर्थ जनकल्याण सेवा समिति आठनेर के अध्यक्ष कैलाश आजाद ने कहा कि गीता कर्म करने का उपदेश देती है।हमें फल की चिंता किए बगैर अच्छे कर्म करते रहना चाहिये क्योंकि हमें जीवन में किए गए कर्म के अनुसार ही फल मिलता है। इसलिए सदैव कर्तव्यनिष्ठ होकर परिणाम की चिंता किए बगैर जीवन में निरंतर कर्म करते रहना चाहिए।कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्य को मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद विकासखंड आठनेर की विकासखंड समन्वयक मधु चौहान द्वारा कार्यक्रम के शुभारंभ में रखा गया।उद्बोधन के पश्चात सामूहिक रूप से गीता के पंद्रहवे अध्याय का पाठ किया गया।कार्यक्रम में मुख्य रूप से एन आर एल एम से सोनी सर,परामर्शदाता दिनेश साकरे,बरखेड नवांकुर संस्था अध्यक्ष देवीदास गावंडे, नवांकुर संस्था ताप्ती प्रभास नागरिक सेवा समिति सावंगी के अध्यक्ष दिनेश मकोड़े माधोराव सातपुते गुनखेड से सुनिल काले पटेल,सुखदेव चढ़ोकार,राजू चिल्हाटे,सुनिल चढ़ोकार,दीलिप गावंडे,मनिषा चढ़ोकार,ललिता नागले,निलिमा कनाठे,गीता मालवी,गीता चढ़ोकार,ललीता नागले,काशाबाई गावंडे,राधिका बाई चिल्हाटे उषा काले सहित बडी संख्या मे मातृशक्तियां,ग्रामवासी मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम के छात्र छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन भागवत भगवान की आरती के पश्चात ग्राम की बहनो द्वारा एकत्रित अन्न की समरसता खिचड़ी का प्रसाद वितरण एवं गीता ज्ञान के उपदेशों को जीवन में उतारने तथा गुणखेड़ को स्वच्छ तथा आदर्श ग्राम बनाने के संकल्प के साथ किया गया।

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