ईरान की सुरक्षा व्यवस्था में एक बेहद खतरनाक और गुप्त विशेष बल है जिसे NOPO फोर्स कहा जाता है। हाल ही में खबरों में यह फोर्स इसलिए चर्चा में आई क्योंकि इसे ईरान के नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया बताया जा रहा है। यह यूनिट अपने काले कपड़ों, आक्रामक ऑपरेशन और “shoot first, ask later” जैसी रणनीति के कारण दुनिया की सबसे कठोर सुरक्षा इकाइयों में गिनी जाती है। आइए देसी और आसान भाषा में समझते हैं कि NOPO आखिर है क्या।
NOPO फोर्स क्या है?
NOPO का पूरा नाम Niru-ye Vizhe-ye Pasban-e Velayat है। इसे 1991 में ईरान में बनाया गया था। यह एक स्पेशल काउंटर-टेररिज़्म यूनिट है जो आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन, बंधक छुड़ाने और हाई-रिस्क मिशन संभालती है।
यह फोर्स सीधे ईरान की सुरक्षा व्यवस्था के टॉप स्तर के अधीन काम करती है और कई मामलों में इसे साधारण सेना से भी ज्यादा ताकतवर और प्रशिक्षित माना जाता है।
“Black-Clad” या काली वर्दी वाली टीम क्यों कहलाती है?
NOPO कमांडो को अक्सर “Black-Clad” कहा जाता है। इसकी वजह है कि इस यूनिट के सैनिक सिर से पांव तक काले रंग की यूनिफॉर्म और टैक्टिकल गियर पहनते हैं।
इनकी ड्रेस में काले हेलमेट, बुलेटप्रूफ जैकेट, नाइट-विज़न गॉगल्स और हाई-टेक हथियार शामिल होते हैं। इनका पूरा लुक ही ऐसा बनाया जाता है कि दुश्मन के मन में डर बैठ जाए।
“Kill Squad” नाम क्यों पड़ा?
NOPO को कई लोग “किल स्क्वाड” भी कहते हैं। वजह है इसकी बेहद आक्रामक रणनीति। इस यूनिट का सिद्धांत है कि खतरा दिखते ही तुरंत कार्रवाई की जाए।
इनके कमांडो को स्नाइपर शूटिंग, क्लोज कॉम्बैट, बम डिस्पोज़ल और शहरी युद्ध जैसी ट्रेनिंग दी जाती है। कहा जाता है कि चयन प्रक्रिया इतनी कठिन होती है कि सैकड़ों में से केवल कुछ ही जवान इस यूनिट में जगह बना पाते हैं।
NOPO की ट्रेनिंग और हथियार
इस फोर्स के सैनिकों को दुनिया की सबसे कठिन ट्रेनिंग में से एक दी जाती है। इसमें मानसिक मजबूती, फिजिकल स्टैमिना और वैचारिक निष्ठा तीनों की परीक्षा ली जाती है।
इनके पास अत्याधुनिक स्नाइपर राइफल, सर्विलांस डिवाइस, ड्रोन और आधुनिक कम्युनिकेशन सिस्टम होते हैं। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक इनके उपकरणों में पश्चिमी और रूसी तकनीक का इस्तेमाल भी किया जाता है।
Mojtaba Khamenei का “Shield” क्यों कहा जा रहा है?
रिपोर्ट्स के अनुसार Ali Khamenei के बाद सत्ता परिवर्तन के दौरान सुरक्षा खतरे बढ़ गए हैं। इसलिए NOPO को Mojtaba Khamenei की सुरक्षा में लगाया गया बताया जा रहा है।
यह यूनिट न केवल उनके आसपास तैनात रहती है बल्कि कई कमांडो सादे कपड़ों में भी भीड़ में मौजूद रहते हैं ताकि किसी भी साजिश या हमले को तुरंत रोका जा सके। इसी वजह से इसे उनका “सुरक्षा कवच” या NOPO Shield कहा जा रहा है।
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