ईरान में बीते कई दिनों से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। देश में हिंसक प्रदर्शन तेज हो चुके हैं और हालात इतने खराब हैं कि लगभग 100 घंटे से इंटरनेट पूरी तरह बंद है। 28 दिसंबर से शुरू हुए इन प्रदर्शनों ने अब पूरे देश को अपनी चपेट में ले लिया है। लोग सरकार की सख्ती, नियमों और इंटरनेट बंदी के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच लगातार टकराव की खबरें सामने आ रही हैं।
ट्रंप की चेतावनी से बढ़ा तनाव
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी ने इस पूरे मामले को और ज्यादा गंभीर बना दिया है। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर ईरान में सुरक्षा बल प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाते हैं, तो अमेरिका दखल दे सकता है। इस बयान के बाद ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और गहरा गया है। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार अब तक करीब 650 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा।
इंटरनेट बंदी और नए इलाकों में प्रदर्शन
ईरान में 8 जनवरी को इंटरनेट बंद कर दिया गया था, ताकि प्रदर्शनों की आवाज दुनिया तक न पहुंचे। इंटरनेट बंद होने से पहले यह आंदोलन 27 प्रांतों तक फैल चुका था। रिपोर्ट्स के मुताबिक अब ऐसे इलाकों में भी प्रदर्शन हो रहे हैं, जहां पहले कोई हलचल नहीं थी। तेहरान के कई इलाकों से आगजनी और तोड़फोड़ की तस्वीरें सामने आई हैं। मस्जिदों और सार्वजनिक संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे हालात और संवेदनशील हो गए हैं।
अमेरिका ने नागरिकों को ईरान छोड़ने को कहा
बढ़ते खतरे को देखते हुए अमेरिका ने अपने नागरिकों को तुरंत ईरान छोड़ने की सलाह दी है। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि मौजूदा हालात में वह अपने नागरिकों की सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकता। साथ ही यह भी कहा गया है कि अगर इंटरनेट काम न करे तो वैकल्पिक तरीकों से संपर्क बनाए रखें। जरूरत पड़ने पर सड़क मार्ग से आर्मेनिया या तुर्की जाने की सलाह भी दी गई है।
ईरान के खिलाफ सख्त आर्थिक कदम
सिर्फ चेतावनी ही नहीं, अमेरिका ने ईरान के खिलाफ आर्थिक मोर्चे पर भी सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। अमेरिका ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। ट्रंप ने साफ कहा है कि जो भी देश ईरान से कारोबार करेगा, उसे अमेरिका के साथ अपने व्यापार पर भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। इस फैसले से ईरान की अर्थव्यवस्था पर और दबाव बढ़ सकता है।
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क्या ईरान बन सकता है अगला निशाना
कतर में मौजूद अमेरिकी एयरबेस पर बढ़ी हलचल ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग यह जानना चाहते हैं कि क्या अमेरिका ईरान के खिलाफ किसी बड़े कदम की तैयारी कर रहा है। फिलहाल हालात बेहद नाजुक हैं और दुनिया की नजर ईरान पर टिकी हुई है। आने वाले दिन तय करेंगे कि यह तनाव बातचीत में बदलेगा या किसी बड़े टकराव की तरफ बढ़ेगा।




