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पीएम मोदी और ट्रंप कॉल को लेकर भारत का सख्त रुख

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अमेरिका के कॉमर्स सेक्रेटरी की टिप्पणी के बाद भारत ने कड़ा और साफ बयान जारी किया है। भारत सरकार ने दो टूक कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसी भी तरह के ट्रेड डील के लिए पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन नहीं किया। भारत ने अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स को भ्रामक और तथ्यहीन बताया है। इस बयान के बाद भारत और अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया है।

भारत ने अमेरिकी दावे को बताया गलत

भारत सरकार ने स्पष्ट किया कि भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर बातचीत फरवरी 2025 से चल रही है। इस दौरान दोनों देशों के अधिकारियों के बीच कई दौर की चर्चा हुई है। भारत का कहना है कि कई बार समझौते के काफी करीब भी पहुंचा गया, लेकिन मीडिया में जिस तरह से इन बैठकों को पेश किया गया है, वह सही नहीं है। सरकार ने साफ कहा कि पीएम मोदी ने हाल ही में किसी ट्रेड एग्रीमेंट के लिए ट्रंप को कॉल नहीं किया।

भारत अमेरिका व्यापार समझौते पर क्या बोला

भारत ने यह भी कहा कि वह अमेरिका के साथ संतुलित और दोनों देशों के लिए फायदेमंद व्यापार समझौता चाहता है। भारत और अमेरिका की अर्थव्यवस्थाएं एक दूसरे की पूरक हैं और इसी आधार पर समझौते की दिशा में आगे बढ़ा जा रहा है। सरकार ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में यह बातचीत किसी सकारात्मक नतीजे तक पहुंचेगी।

ट्रंप और मोदी की बातचीत का सच

भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि साल 2025 के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच कुल आठ बार फोन पर बातचीत हुई थी। इन चर्चाओं में रणनीतिक साझेदारी व्यापार रक्षा और वैश्विक मुद्दों पर बात हुई थी। लेकिन हालिया कॉल को ट्रेड डील से जोड़ना पूरी तरह गलत है। भारत ने साफ किया कि किसी एक मुद्दे को लेकर ऐसी खबरें फैलाना सही नहीं है।

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ऊर्जा नीति पर दबाव नहीं मानेगा भारत

अमेरिका के प्रस्तावित 500 प्रतिशत टैरिफ बिल पर भारत ने अपनी स्थिति साफ कर दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत की ऊर्जा नीति पूरी तरह देश की जरूरतों पर आधारित है। भारत वैश्विक बाजार की स्थिति को देखते हुए अलग अलग देशों से सस्ती और सुरक्षित ऊर्जा खरीदता रहेगा। 140 करोड़ लोगों की ऊर्जा सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी अंतरराष्ट्रीय दबाव में आकर भारत अपनी नीति नहीं बदलेगा। भारत लगातार वैश्विक बाजार पर नजर रखे हुए है ताकि देश को किफायती ऊर्जा मिलती रहे।

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