ईरान इन दिनों (जनवरी 2026) भारी उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है। महंगाई 40% के पार है, बेरोजगारी बढ़ रही है और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों ने उसकी अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी है। ऐसे हालात में अगर कोई भारतीय ₹10,000 लेकर ईरान जाए, तो वहां खुद को करोड़पति जैसा महसूस करेगा। सवाल ये है कि आखिर भारतीय रुपया ईरानी मुद्रा के मुकाबले इतना मजबूत क्यों दिखता है?
₹10,000 भारतीय रुपये = कितने ईरानी रियाल?
ईरानी मुद्रा रियाल (Iranian Rial) दुनिया की सबसे कमजोर करेंसी में गिनी जाती है। जनवरी 2026 के अनुमानित रेट के मुताबिक –
₹10,000 ≈ 5.2 करोड़ (52,000,000) ईरानी रियाल
यानी जेब में दस हजार रुपये और हाथ में करोड़ों रियाल! हालांकि ध्यान रखें, ये रेट बाजार के उतार-चढ़ाव के साथ बदलता रहता है।
ईरान में आम बोलचाल में लोग ‘तोमान’ का इस्तेमाल करते हैं।
1 तोमान = 10 रियाल,
इस हिसाब से ₹10,000 करीब 52 लाख तोमान के बराबर होते हैं।
ईरानी रियाल इतना कमजोर क्यों हो गया?
ईरान पर सालों से लगे अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध इसकी सबसे बड़ी वजह हैं। तेल बेचने पर पाबंदी, बैंकिंग सिस्टम का दुनिया से कट जाना और डॉलर की भारी किल्लत ने रियाल की वैल्यू गिरा दी। ऊपर से रिकॉर्ड तोड़ महंगाई और बेरोजगारी ने हालात और बिगाड़ दिए। इसी कारण भारतीय रुपया, जो खुद बहुत मजबूत नहीं माना जाता, ईरान में ‘शेर’ बन जाता है।
₹10,000 में ईरान में कितने दिन चल पाएंगे?
अगर आप बजट ट्रैवलर हैं, तो ईरान में रोज का खर्च करीब ₹2,000–₹3,000 आ सकता है। इसमें सस्ता होटल, लोकल खाना और बस-मेट्रो से घूमना शामिल है।
- ₹10,000 में आराम से 3–5 दिन
- बहुत कंजूसी करें, स्ट्रीट फूड और काउचसर्फिंग अपनाएं, तो 6–7 दिन भी निकाल सकते हैं
ईरान घूमते वक्त ये देसी टिप्स जरूर याद रखें
कैश ही राजा है – ईरान में भारतीय या इंटरनेशनल क्रेडिट-डेबिट कार्ड नहीं चलते। यूरो या डॉलर कैश में ले जाएं और वहीं रियाल में बदलवाएं।
क्या सस्ता है? – पेट्रोल, डीज़ल, बस-मेट्रो और लोकल ट्रांसपोर्ट बेहद सस्ता।
क्या महंगा है? – विदेशी ब्रांड, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और लग्ज़री होटल जेब ढीली कर सकते हैं।
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भारत सरकार की चेतावनी भी जान लें
जनवरी 2026 की शुरुआत में भारत सरकार ने अपने नागरिकों को ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है। बढ़ती महंगाई, अंदरूनी अशांति और तेजी से बदलते हालात इसके पीछे की वजह हैं।





