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नवजात का पहला मुंडन कब करें? डॉक्टर ने बताया सही उम्र, फायदे और ज़रूरी बातें

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मुंडन संस्कार हिन्दू धर्म के 16 महत्वपूर्ण संस्कारों में से एक है। बच्चे के जन्म के बाद घर में अक्सर चर्चा शुरू हो जाती है कि मुंडन कब कराना चाहिए। कई लोग जल्दी करवाने की सोचते हैं, जबकि विशेषज्ञ मानते हैं कि गलत समय पर मुंडन कराने से बच्चे को नुकसान हो सकता है। लखनऊ के जाने-माने शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर तरुण आनंद बताते हैं कि आखिर बच्चे का पहला मुंडन कब कराना चाहिए, इसके मेडिकल फायदे क्या हैं और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

मुंडन कब कराना चाहिए? डॉक्टर ने बताया सही समय

डॉ. तरुण आनंद के अनुसार बच्चे का पहला मुंडन एक से तीन साल की उम्र के बीच कराना सबसे सही रहता है। बहुत छोटे बच्चों का सिर बेहद नाज़ुक होता है और जल्दी मुंडन कराने पर कटने या चोट लगने का खतरा रहता है। डॉक्टर बताते हैं कि आदर्श समय लगभग अठारह महीने होता है, क्योंकि इस उम्र तक बच्चे का सिर मजबूत होने लगता है और नरम हिस्से भरने लगते हैं।

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मुंडन के फायदे धार्मिक के साथ-साथ वैज्ञानिक भी हैं।
पुराने समय से माना जाता है कि मुंडन से पिछले जन्मों के दोष मिटते हैं। वैज्ञानिक रूप से देखें तो पुराने और कमजोर बाल हट जाते हैं जिससे नए और घने बाल आने में मदद मिलती है।
कुछ बच्चों को दाँत निकलने के समय ज्यादा दर्द होता है और ऐसे समय मुंडन कराने से उन्हें राहत महसूस होती है। साथ ही मुंडन सही समय पर होने से दिमाग की नसों का विकास भी बेहतर तरीके से होता है।

नवजात के बालों की सफाई क्यों ज़रूरी है?

जन्म के समय बच्चे के सिर पर मौजूद बालों में गंदगी और बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं। अगर इन्हें साफ न किया जाए तो संक्रमण की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए समय आने पर मुंडन कराना बच्चे की स्वच्छता और सेहत, दोनों के लिए फायदेमंद होता है।

मुंडन के समय किन बातों का रखें ध्यान?

मुंडन के समय कुछ सावधानियां बेहद ज़रूरी हैं ताकि बच्चा सुरक्षित रहे।
सबसे पहले किसी अनुभवी नाई से ही मुंडन करवाएं। नया और अच्छी क्वालिटी का ब्लेड इस्तेमाल करें। सब कुछ साफ और सैनिटाइज्ड होना चाहिए ताकि संक्रमण का खतरा न रहे।
मुंडन के बाद करीब एक हफ्ते तक बच्चे के सिर पर किसी तरह के केमिकल या हेयर प्रोडक्ट इस्तेमाल न करें। हल्का नारियल तेल या डॉक्टर द्वारा सुझाया गया तेल ही लगाएं।

अंत में

मुंडन संस्कार परंपरा के साथ-साथ बच्चे की सेहत से भी जुड़ा हुआ है। सही उम्र में, सही तरीके से और पूरी सावधानी के साथ किया गया मुंडन बच्चे के लिए फायदेमंद साबित होता है। इसलिए जल्दबाज़ी न करें, डॉक्टर की सलाह को प्राथमिकता दें और बच्चे की सुरक्षा को ध्यान में रखें।

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