मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में है। इसी को लेकर एक अहम ऑल पार्टी मीटिंग बुलाई गई, जो करीब डेढ़ घंटे चली। इस बैठक में सरकार ने विपक्ष के हर सवाल का जवाब दिया और देश की स्थिति को लेकर साफ तस्वीर रखी। देसी अंदाज में कहें तो सरकार ने “सब कंट्रोल में है” वाला मैसेज दिया।
पेट्रोल-डीजल सप्लाई पर साफ बयान
बैठक में सबसे बड़ा मुद्दा था—क्या देश में पेट्रोल-डीजल की कमी होने वाली है? इस पर सरकार ने साफ कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। देश में पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की सप्लाई पूरी तरह नॉर्मल है और कहीं भी कोई किल्लत नहीं है। यानी आम जनता को टेंशन लेने की जरूरत नहीं है।
होर्मुज स्ट्रेट से आ रही राहत की खबर
सरकार ने बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारत के चार जहाज सुरक्षित निकल चुके हैं और कई और जल्द निकलने वाले हैं। खास बात ये है कि जहां कई देशों के जहाज अभी भी फंसे हुए हैं, वहीं भारत ने अपनी सप्लाई लाइन को काफी हद तक सुरक्षित रखा है। देसी भाषा में कहें तो “अपना जुगाड़ फिट बैठा है”।
पाकिस्तान की भूमिका पर क्या कहा?
मीटिंग में पाकिस्तान की मध्यस्थता का मुद्दा भी उठा। इस पर सरकार ने कहा कि ये कोई नई बात नहीं है, बल्कि 1981 से ही पाकिस्तान इस तरह की बातचीत में शामिल रहा है। यानी इसमें कुछ भी नया या चौंकाने वाला नहीं है। सरकार ने साफ किया कि भारत अपने फैसले खुद लेता है और किसी के दबाव में नहीं आता।
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सभी पार्टियों ने दिया साथ
मीटिंग के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि सभी राजनीतिक दलों ने इस संकट के समय सरकार का साथ देने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने अपने सवाल जरूर रखे, लेकिन आखिर में सबने एकजुट होकर देश के हित में काम करने की बात कही।




