8वां वेतन आयोग: केंद्र सरकार के करीब 50 लाख कर्मचारी और 65 लाख से ज्यादा पेंशनभोगी 8वें वेतन आयोग का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि यह आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू हो सकता है। हालांकि सरकार की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों के अनुमान कर्मचारियों की उम्मीदें जरूर बढ़ा रहे हैं।
क्या होता है फिटमेंट फैक्टर, क्यों है इतना जरूरी
फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक होता है, जिससे मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा करके नई सैलरी तय की जाती है। 7वें वेतन आयोग में यह 2.57 था। 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.15 से 2.57 के बीच रहने की संभावना जताई जा रही है। अगर यह लागू होता है, तो कर्मचारियों की सैलरी में करीब 20 से 35 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
लेवल 1 से 18 तक कितनी बढ़ सकती है सैलरी
अनुमानों के मुताबिक, लेवल 1 के कर्मचारी जिनकी मौजूदा बेसिक सैलरी 18000 रुपये है, उनकी सैलरी 38000 से 51000 रुपये तक पहुंच सकती है। वहीं लेवल 6 के कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 35000 से बढ़कर 76000 से 1 लाख रुपये तक हो सकती है। सबसे ऊपर लेवल 18 यानी कैबिनेट सेक्रेटरी की सैलरी 5.37 लाख से 7.15 लाख रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
एक्सपर्ट क्या कहते हैं फिटमेंट फैक्टर को लेकर
कर्मचारी संगठनों और वित्तीय विशेषज्ञों के बीच फिटमेंट फैक्टर को लेकर अलग अलग राय है। कुछ विशेषज्ञ इसे 2.13 के आसपास मान रहे हैं, तो कुछ का कहना है कि यह 2.57 से कम नहीं होना चाहिए। कई जानकारों का मानना है कि महंगाई, डीए और बजट को देखते हुए 2.15 से 2.46 ज्यादा व्यवहारिक दायरा हो सकता है।
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कब आएगा 8वें वेतन आयोग पर अंतिम फैसला
8वें वेतन आयोग की जिम्मेदारी रिटायर्ड जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली समिति को सौंपी गई है। यह समिति महंगाई, जीवन यापन की लागत और आर्थिक हालात का अध्ययन करेगी। रिपोर्ट आने के बाद सरकार अंतिम फैसला लेगी। जानकारों का मानना है कि इस बार निचले स्तर के कर्मचारियों को महंगाई से राहत देने पर खास ध्यान दिया जा सकता है।





