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नीतू परमार फिर बनी मुलताई नगर पालिका अध्यक्ष
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हाईकोर्ट ने प्रकरण की सुनवाई कर सुनाया फैसला
मुलताई। नगर पालिका मुलताई अध्यक्ष को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद अब सुलझ गया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाई कोर्ट को प्रकरण की सुनवाई करने के निर्देश देने के बाद हाईकोर्ट द्वारा प्रकरणों की सुनवाई करते हुए प्रकरण में 6 अप्रैल 2026 को फैसला सुनाते हुए नीतू परमार को पुन: अध्यक्ष पद का पदभार लेने की अनुमति देने के आदेश पारित किए है। गौरतलब है कि नगर पालिका मुलताई का अध्यक्ष चुनाव 8 अगस्त 2022 को हुआ था। जिसमें नीतू परमार अध्यक्ष निर्वाचित हुई थी। जिसके खिलाफ पार्षद वर्षा गढेकर द्वारा प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में याचिका दायर की थी। जिस पर न्यायालय द्वारा 13 जून 2023 को फैसला सुनाते हुए नगर पालिका मुलताई अध्यक्ष का चुनाव शुन्य घोषित कर चुनाव के आदेश दिए थे। जिसके बाद 20 जून को शासन ने वर्षा गढेकर को अध्यक्ष मनोनित किया था। जिसके खिलाफ नीते परमार द्वारा उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। जिस पर 6 जुलाई 2023 को उच्च न्यायालय ने जिला न्यायालय के आदेश पर रोक लगाई थी। जिसके अनुसार 15 जुलाई 2023 को नीतू परमार ने पुन: अध्यक्ष पद संभाला था। जिसके बाद 4 अक्टूबर 2023 को उच्च न्यायालय ने नीतू परमार की याचिका क्रमाकं 464/2023 को खारिज की थी। जिस पर 15 दिसम्बर 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालय का स्थगन आदेश निरस्त कर दिया था। इस आदेश को देखते हुए शासन ने फिर वर्षा गढेकर को फिर अध्यक्ष नियुक्त किया था। जिसके बाद 5 फरवरी 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने नीतू परमार द्वारा की गई अपील क्रमाकं 1397/2024 एवं वर्षा गढेकर की अपील 26162/2023 के साथ टेग किया था। दोनो अपीले सर्वोच्य न्यायालय में विचाराधीन थी। उक्त अपीलो की सुनवाई करते हुए सर्वोच्य न्यायालय द्वारा उच्च न्यायालय जबलपुर को 3 माह के भीतर सुनवाई कर अंतिम आदेश पारित करने के निर्देश दिए गए थे। इस मामले उच्च न्यायालय द्वारा सुप्रीम कोर्ट के निर्देशो का पालन करते हुए प्रकरण की सुनवाई कर फैसला सुरक्षित रखा था। उक्त प्रकरण में उच्च न्यायालय द्वारा 6 अप्रैल 2026 को आदेश पारित कर दिनाकं 13 जून 2023 को प्रथम अपर जिला न्यायाधीश द्वारा पारित विवादित आदेश को रद्व करते हुए विजयी उम्मीदवार के चुनाव बरकरार रखते हुए उन्हे अध्यक्ष के रूप में पुन: कार्य भार ग्रहण करने की अनुमति दिए जाने के आदेश पारित किए है।





