Neem Karoli Baba: नीम करौली बाबा की दिव्यता और करुणा ने उन्हें दुनिया के महान संतों में शामिल किया। करोड़ों भक्तों के हृदय में बसे बाबा के जीवन में ऐसे कई चमत्कार हुए, जो आज भी लोगों की आस्था को मजबूत करते हैं। बाबा को भगवान हनुमान का स्वरूप माना जाता है। आइए जानते हैं उनके जीवन के 7 चमत्कार, जो आज भी चर्चा का विषय हैं।
ट्रेन रोकने का चमत्कार
कहानी मशहूर है—बाबा एक बार बिना टिकट यात्रा कर रहे थे। टीटी ने उन्हें ट्रेन से उतार दिया। जैसे ही बाबा प्लेटफॉर्म पर खड़े हुए, ट्रेन का इंजन चल रहा था पर ट्रेन हिल भी नहीं रही थी।
लोग हैरान रह गए। बाद में जब बाबा को विनम्रता से वापस बोगी में बैठाया गया, तब ट्रेन आसानी से चल पड़ी। भक्त इसे बाबा की अद्भुत शक्ति मानते हैं।
पानी का घी बन जाना — कैंची धाम का किस्सा
कैंची धाम में भंडारे के समय घी खत्म हो गया। बाबा ने नदी से पानी लाने को कहा। उसी पानी से जब प्रसाद बना, तो वह सुगंधित और घी जैसा गाढ़ा हो गया।
सेवकों का कहना है कि उस दिन का प्रसाद इतना स्वादिष्ट था कि लोग आज भी उसे याद करते हैं। इसे बाबा की कृपा माना जाता है।
खारे कुएँ का पानी मीठा हो जाना
फर्रुखाबाद के एक गाँव में कुएँ का पानी खारा था और लोग परेशान थे। बाबा ने आशीर्वाद दिया और कहते हैं कि कुछ ही समय में वही पानी मीठा हो गया।
स्थानीय लोग आज भी बताते हैं कि इस घटना के बाद आस-पास के गाँवों में जल समस्या कम हो गई। सब इसे बाबा की दया का परिणाम मानते हैं।
धूप से बचाने वाली बादलों की छतरी
एक भक्त भरी धूप में लंबी यात्रा कर रहा था। बाबा ने उसे आशीर्वाद दिया। कहते हैं कि रास्ते भर बादलों की हल्की छाया उसके ऊपर बनी रही।
उस भक्त ने बताया कि पूरी यात्रा के दौरान मौसम अप्रत्याशित रूप से सुहावना रहा, जो उसके लिए चमत्कार से कम नहीं था।
बिना माचिस के अग्नि प्रकट होना
कैंची धाम में एक दिन माचिस उपलब्ध नहीं थी। बाबा ने बस रुई की बाती को छुआ और वह जल उठी।
आश्रम के सेवकों का कहना है कि उस दिन मौसम इतना नम था कि सामान्य आग जलना मुश्किल था, इसलिए यह घटना और भी चमत्कारी मानी जाती है।
सैनिक की जान बचाने वाला कम्बल
एक सैनिक युद्ध क्षेत्र में फँस गया था। बाबा ने उसे एक ऊनी कम्बल दिया। सैनिक के अनुसार, उसी कम्बल ने उसे मौत से बचा लिया।
कम्बल ओढ़ते ही उसे सुरक्षा और गर्माहट का ऐसा अनुभव हुआ जो वह आज तक नहीं भूल सका।
बारिश रोक देने का चमत्कार
हनुमानगढ़ी मंदिर के निर्माण के दौरान भारी बारिश शुरू हो गई। बाबा ने आकाश की ओर देखा और बारिश थम गई।
कारीगर आज भी बताते हैं कि उस दिन जैसे मौसम ने बाबा की बात मान ली हो।
क्यों आज भी बाबा का नाम दुनियाभर में गूंजता है?
नीम करौली बाबा ने कभी अपने चमत्कारों का दावा नहीं किया। वे हमेशा कहते थे—
“सेवा ही सबसे बड़ा साधन है।”
उनका प्रेम, सरलता और निस्वार्थ भाव आज भी करोड़ों लोगों को जीवन की सकारात्मक राह दिखाता है।





