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क्रांति सूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के संयुक्त तत्वाधान में हुई राष्ट्रीय कार्यशाला
बुरहानपुर के युवा प्रोफेसर यश दुबे ने भारतीय शोध पद्धति की अवधारणा पर शोध प्रस्तुत किया
बुरहानपुर। क्रांतिसूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय खरगोन में राष्ट्रीय कार्यशाला विषय ‘‘भारतीय शोध पद्धति की अवधारणा’’ का आयोजन क्रांतिसूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय खरगोन और शिक्षा संस्कृति उत्थान नई दिल्ली मालवा प्रांत के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित की गई । जिसमें मुख्य अतिथि श्री गजेन्द्र जी पटेल, सांसद खरगोन बड़वानी लोकसभा क्षेत्र अध्यक्षता शिक्षाविद श्री ओमप्रकाश जी शर्मा (राष्ट्रीय संयोजक) शिक्षा से आत्मनिर्भर भारत (मध्य क्षेत्र संयोजक) शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली डॉ राकेश जी दण्ड शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली डॉ मोहन लाल जी कोरी (कुलगुरु) तथा मुख्य वक्ता द्वय प्रो.(डॉ) जितेन्द्र शर्मा प्राचार्य (चौधरी चरणसिंह विष्वविद्यालय) अग्रसेन इंस्टीट्यूट आफ पो. स्टडीज रिसर्च सिकंदराबाद (उत्तरप्रदेश) डॉ आशीष जनक राय दवे प्राचार्य एवं डीन-वाणिज्य संकाय (गुजरात विश्वविद्यालय अहमदाबाद) समर्पण आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज गांधीनगर (गुजरात), राष्ट्रीय कार्यशाला के
संयोजक डॉ मनोहर दास सोमानी कुलसचिव सह-संयोजक डॉ कृष्णा मोरे जिला संयोजक जिला बुरहानपुर शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली मालवा प्रांत एवं आमंत्रित अतिथि वक्ता डॉ ए के द्विवेदी थे।
इस राष्ट्रीय कार्यशाला में डॉ संगीता गोकर्ण ने अपना शोध पत्र का वाचन किया। न्यास के डॉ अनिल पाटीदार, प्रो यश दुबे बुरहानपुर सहित न्यास अनेक कार्यकर्ताओं ने इस राष्ट्रीय कार्यशाला में अपनी सहभागिता की। कार्यशाला का संचालन डॉ प्रकाश वास्कले एवं डॉ प्रवीण मालवीया ने किया।





