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भौंरा में मिसेज यूनिवर्स दिव्या चौधरी का आगमन, अरण्य स्व सहायता समूह के महुआ बिस्किट से हुईं प्रभावित
महुआ बिस्किट पौष्टिक और पाम-ऑयल रहित, इसका अंतरराष्ट्रीय प्रचार होना चाहिए -दिव्या चौधरी
भौंरा। जन परिषद के स्थानीय चैप्टर द्वारा गुरुवार को पंचमुखी श्री रिद्धि–सिद्धि गणेशालय में कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें मिसेज यूनिवर्स (फर्स्ट रनर-अप) एवं मिसेज इंडिया (ल्यूमिनियस आइज़) दिव्या चौधरी मुख्य अतिथि बनकर पहुंचीं। जहां समिति के सदस्य एवं ग्राम वासियों द्वारा अतिथियों का गुलदस्ता एवं फूल मालाओं से स्वागत किया गया।, वहीं अरण्य स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए महुआ बिस्किट कार्यक्रम का केंद्र बने रहे। बिस्किट का स्वाद लेने के बाद दिव्या चौधरी ने कहा कि बाज़ार में मिलने वाले लगभग सभी बिस्कुट पाम तेल से बने होते हैं, जबकि महुआ बिस्किट पूरी तरह से पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक हैं।
उन्होंने कहा यह बेहद अच्छा उत्पाद है।
इसका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार होना चाहिए। मैं अपने परिवार के लिए चार–पांच पैकेट अवश्य ले जा रही हूं। जिस पर इंटर स्टेट कमेटी के सचिव कैलाश प्रसाद अग्निहोत्री ने उन्हें महुआ बिस्किट के पैकेट भेंट किए। गणेशालय में कार्यक्रम के बाद दिव्या चौधरी पेट्रोल पंप के पास स्थित वन विश्राम गृह पहुंचीं। यहां वन परिक्षेत्र अधिकारी वीरेंद्र तिवारी ने उनसे भेंट की और आराध्या समूह द्वारा निर्मित महुआ बिस्किट के पैकेट सौंपे। उन्होंने भौंरा क्षेत्र की प्राकृतिक और वन-पहचानों से परिचित कराया।
भौंरा की सुंदरता से प्रभावित दिव्या चौधरी ने कहा मैं पहली बार भौंरा आई हूं। यह बेहद शांत और खूबसूरत जगह है। समाज की सेवा अकेले संभव नहीं, इसलिए मैं आप सबके साथ मिलकर कार्य कर रही हूं।
जब भी मौका मिले, हर व्यक्ति को समाज के लिए समय देना चाहिए।
कार्यक्रम में जन परिषद के संयोजक एवं वरिष्ठ पत्रकार रामजी श्रीवास्तव, प्रांतीय सचिव नितिन श्रीवास्तव, सचिव कैलाश प्रसाद अग्निहोत्री, राजेंद्र सिरोठिया, सुनील राठौर, मनीष खंडेलवाल, जितेंद्र गुप्ता, राजकमल गुप्ता, संजय जगताप, परीमाला पवार, परिसी पवार सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
जन परिषद के बारे में जानकारी देते हुए रामजी श्रीवास्तव ने बताया कि संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व डीजीपी एन.के. त्रिपाठी हैं। संगठन पिछले 36 वर्षों से सामाजिक एवं रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय है, अब तक पर्यावरण पर 12 अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस आयोजित कर चुका है और देश–विदेश में इसके 300 और 7 चैप्टर कार्यरत हैं। संस्था प्रतिवर्ष रचनात्मक और सामाजिक योगदान देने वाले नागरिकों को सम्मानित करती है।





