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MP Election – कांग्रेस की आमला और भाजपा की बैतूल घोषित होना बाकी

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कांग्रेस के चार उम्मीदवार तय, घोड़ाडोंगरी में दोनों नए चेहरे

MP Electionबैतूल 2023 के विधानसभा चुनाव के लिए आचार संहिता भी लागू हो चुकी है। वहीं चुनाव कार्यक्रम भी सामने आ गया है। जहां तक उम्मीदवारों की घोषणा की बात है तो अगस्त 2023 में भाजपा ने मुलताई और भैंसदेही के उम्मीदवार घोषित करके राजनैतिक हल्को में सनसनी फैला दी थी क्योंकि चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के दो माह पहले किसी प्रमुख राजनैतिक दल ने उम्मीदवार तय कर एक बड़ी रिस्क ली थी। क्योंकि जितनी जल्दी उम्मीदवार घोषित होते हैं उतने ही अन्य दावेदारों के विरोध और सैबोटेजिंग की संभावना बढ़ जाती है।

नवरात्र के प्रथम दिन आज कांग्रेस ने भी जिले की पांच में से चार विधानसभा सीटों पर उम्मीद्वार घोषित कर दिए हैं जिनमें आमला बाकी है। वहीं भाजपा के भी चार उम्मीदवार घोषित हो गए हैं और बैतूल बाकी है। घोड़ाडोंगरी में दोनों ही दलों ने नए चेहरों पर दांव लगाया है।

चौथी बार होगा दोनों में मुकाबला | MP Election

मासोद और मुलताई विधानसभा सीट से तीन बार कांग्रेस के सुखदेव पांसे और भाजपा के चंद्रशेखर देशमुख आमने-सामने 2003 में मासोद सीट पर एवं 2008 और 2013 में मुलताई सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। एक बार फिर 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने इस सीट पर चंद्रशेखर देशमुख और कांग्रेस ने सुखदेव पांसे को चुनाव मैदान में उतार दिया है। इस तरह से चौथी बार यह दोनों प्रत्याशी आमने-सामने रहेंगे।

ये भी होंगे चौथी बार आमने-सामने

भैंसदेही विधानसभा सीट से फिर एक बार भाजपा ने महेंद्र सिंह चौहान और कांग्रेस ने घरमूसिंह सिरसाम को 2023 के चुनाव के लिए अपने सेनापति घोषित कर दिए हैं। इसके पूर्व 2008, 2013 एवं 2018 के विधानसभा चुनाव में यही जोड़ी आपस में चुनाव लड़ चुकी है। अब 2023 में चौथी बार यह दोनों उम्मीदवार फिर मैदान में है। गौरतलब है कि 2018 के विधानसभा चुनाव में घरमूसिंह की नर्मदापुरम संभाग में सबसे बड़ी जीत मानी गई थी। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार को 30 हजार 880 वोट से हराया था।

घोड़ाडोंगरी से दोनों नए उम्मीदवार | MP Election

घोड़ाडोंगरी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में 2018 के चुनाव में जीत का रिकार्ड बनाने वाले ब्रम्हा भलावी को कांग्रेस ने इस बार टिकट नहीं दी है और नए उम्मीदवार के रूप में घोड़ाडोंगरी जनपद के अध्यक्ष राहुल उइके को टिकट दी है। वहीं भाजपा ने भी पूर्व विधायक स्व. सज्जनसिंह उइके की पत्नी गंगाबाई उइके को पहली बार विधानसभा चुनाव लडऩे का अवसर दिया है। इस तरह से इस विधानसभा सीट से दोनों उम्मीदवार पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं।

बैतूल से निलय डागा को दूसरी बार दी टिकट

2018 में अपने जीवन का पहला चुनाव लडऩे वाले कांग्रेस उम्मीद्वार निलय डागा को सफलता प्राप्त हुई थी। इस बार फिर कांग्रेस ने निलय डागा को जिला मुख्यालय की इस सीट से उम्मीदवार घोषित कर दिया है। लेकिन भाजपा ने अभी तक अपने पत्ते ओपन नहीं किए हैं। लेकिन खबरवाणी को मिली जानकारी के अनुसार नवरात्र के दौरान ही भाजपा की पांचवी लिस्ट घोषित हो रही है जिसमें बैतूल से फिर एक बार हेमंत खण्डेलवाल का लडऩा तय माना जा रहा है।

पंडाग्रे तो तय निशा का इंतजार | MP Election

डॉक्टरी पेशे से राजनीति में आकर सफल होने वालों में डॉ. योगेश पंडाग्रे का नाम दर्ज हो गया है। 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा से चुनाव मैदान में उतरे डॉ. योगेश पंडाग्रे बड़े अंतर से चुनाव जीत गए थे। 2023 में डॉ. पंडाग्रे पर भाजपा ने फिर विश्वास जताया है। कांग्रेस ने यह सीट होल्ड कर दी है। वैसे पिछला चुनाव कांग्रेस की सीट पर हारे मनोज मालवे का दावा सबसे मजबूत है लेकिन जब से डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे ने आमला क्षेत्र में आकर अपनी सक्रियता बढ़ाई है तब से कांग्रेस के दावेदारों में चिंता देखी जा रही है। दो दिन पूर्व प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में घटे घटनाक्रम के अनुसार प्रशासनिक अधिकारी के रूप में इस्तीफा स्वीकार होते ही निशा बांगरे को आमला से कांग्रेस उम्मीदवार घोषित किया जाना तय माना जा रहा है।

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