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नगर में बंदरों का आतंक, मकानों की छतों के साथ सड़को पर भी बंदरों का हुड़दंग

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खबरवाणी

नगर में बंदरों का आतंक, मकानों की छतों के साथ सड़को पर भी बंदरों का हुड़दंग

आमला। बन्दरों की बढ़ती संख्या अब नगर की जनता के लिए मुसीबत बन गयी है। छतो पर पहुंचना पहले से ही खतरे से खाली नहीं था अब उनका आतंक सड़क तक आ गया है जिससे राह निकलना मुश्किल हो रहा है। वैसे तो नगर में बन्दरो की मौजूदगी दशको पुरानी है लेकिन यह कुछ विशेष क्षेत्रों तक ही सीमित थी जिससे लोगों को अधिक परेशानी नही थी लेकिन विगत एक दशक के लगभग से इनकी पहुँच नगर के ज्यादातर हिस्सो तक पहुँच गयी है। आलम यह है कि अब तो पुरानी बोड़खी, टंडन केम्प मेंन रोड बोडखी भीमनगर गोविन्द कॉलोनी
रेलवे कॉलोनी आदि मुहल्ले इनके स्थाई ठिकाने बन गए है जिसकी वजह से लोगों की परेशानी‌ बढ़ गयी है।आलम यह है कि घरो के दरवाजे खुले नहीं रह सकते तो बाजार में दुकानदारों की दुकानो से सामान पलक झपकते ही गायब हो जाता है इसके अलावा लोगों को अपनी छतो पर पहुँचना मुश्किल हो गया है। पुरानी बोड़खी निवासी सोनू बचले बन्टू बेले आकाश बेले ललित बेले महेंद्र जगदेव महादेव गाठे राकेश बेले हरीश बचले संजू बामने रवि गोहे शुभम बेले आकाश बामने बिट्टू बेले आदि लोगो की माने तो बन्दरो की बढ़ती आबादी की वजह से छतो पर उनका कोई भी सामान सुरक्षित नहीं है न ही उनका छतो पर जाना खतरे से खाली नहीं है इसलिए वह लोग छतो को भूल गए हैलेकिन जनता की इस परेशानी से जिम्मेदारो को कोई वास्ता नहीं है जबकि वह कई बार इस परेशानी से बचाने के लिए नगर पालिका परिषद व वन विभाग से फरियाद कर चुके है लेकिन समस्या का हल नहीं निकला है जिसकी वजह से समस्या दिन प्रतिदिन और गम्भीर हो रही है। अभी तक उनका आतंक घरो की छत तक ही सीमित था लेकिन अब वह सड़क पर आ गए हैं जिसकी वजह से उनके न‌ जाने तक रास्ते भी बाधित हो जाते है और लोगों को उनकी वजह से इंतजार या फिर रास्ता ही बदलना पड़ता है।

इनका कहना है……

बंदरों और कुत्तों को पकड़ने के लिए टेंडर मंगवाये जा रहे हैं जल्द ही बंदरों और कुत्तों को पकड़ने का काम चालू करवाया जाएगा

नितिन गॉडरे नगर पालिका अध्यक्ष आमला

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