मीन संक्रांति 2026 आज मनाई जा रही है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब सूर्य एक राशि से निकलकर दूसरी राशि में प्रवेश करता है, तो उस परिवर्तन को संक्रांति कहा जाता है। आज सूर्य ने कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश किया है, इसलिए इस दिन को मीन संक्रांति कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार संक्रांति का दिन स्नान, दान-पुण्य और सूर्य उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
सूर्य का मीन राशि में प्रवेश
पंचांग के अनुसार आज यानी 15 मार्च 2026 को प्रातः 1:08 बजे सूर्य ने कुंभ राशि को छोड़कर मीन राशि में प्रवेश किया। सूर्य के मीन राशि में आने के साथ ही खरमास की शुरुआत हो गई है। खरमास लगभग एक महीने तक चलता है और यह तब समाप्त होगा जब सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इस अवधि में शादी-विवाह, गृह प्रवेश जैसे शुभ मांगलिक कार्य नहीं किए जाते।
मीन संक्रांति का पुण्य काल
आज मीन संक्रांति के दिन पुण्य काल सुबह 6:31 बजे से शुरू होकर दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा। इस दौरान दान-पुण्य, जप-तप और धार्मिक कार्य करना विशेष फलदायी माना जाता है। यदि आप इस समय में स्नान करके दान करते हैं, तो इसका कई गुना पुण्य मिलता है।
संक्रांति पर स्नान और दान का महत्व
धार्मिक मान्यता के अनुसार संक्रांति के दिन पवित्र नदी में स्नान करना और सूर्य देव को अर्घ्य देना बहुत शुभ होता है। अगर किसी कारणवश नदी में स्नान करना संभव न हो, तो घर पर स्नान के पानी में कुछ बूंदें गंगाजल मिलाकर स्नान किया जा सकता है। इसके बाद सूर्य देव को जल अर्पित करना चाहिए।
मीन संक्रांति पर क्या दान करें
मीन संक्रांति के दिन जरूरतमंदों को दान देना बहुत पुण्यदायी माना गया है। इस दिन विशेष रूप से तिल, गुड़, अनाज, भोजन और वस्त्र का दान करना शुभ होता है। ऐसा करने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
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