Thursday, August 18, 2022
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Marriage : एक विवाह ऐसा भी, बेजुबानों ने इशारों में ली सात वचन निभाने की सौगंध

8 वर्षों से स्वाधार गृह शोभापुर में रह रही है यशोदा

सारनी(हेमंत रघुवंशी) – एक-दूसरे से यदि जुड़ाव हो जाए तो अपनी अभिव्यक्ति व्यक्त करने के लिए जुबान और शब्दों की आवश्यकता नहीं होती है। व्यक्ति अपने जज्बात और अभिव्यक्ति जिससे जुड़ाव है उस तक इसी माध्यम से पहुंचा देता है और सामने वाला समझ भी जाता है। इसलिए बेजुबानों की भले ही जुबान नहीं है लेकिन उनकी अभिव्यक्ति को भी महसूस किया जा सकता है। इसका सबसे अच्छा उदाहरण उस समय देखने को मिला जब एक मूक-बधिर (बेजुबान) युवक-युवती शादी के बंधन में बंधे तो उन्होंने विवाह के दौरान दिलाए जाने वाली सात वचनों को निभाने की सौगंध इशारों में पूर्ण करने का एक-दूसरे से वादा किया।

दोनों के चेहरे से दिखाई दे रही थी खुशी

मुन्नी उर्फ यशोदा और संजय बंजारा के विवाह के बंधन में बंधने पर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था। 8 वर्ष के बाद स्वाधार गृह से बड़े धूमधाम के साथ मंगलवार को अक्षय तृतीय के उपलक्ष में उसका विवाह 11 बजे संपन्न हुआ। इस अवसर पर ग्राम भारती महिला मंडल के अलावा महिला बाल विकास विभाग के कई पदाधिकारी इसके गवाह बने दूल्हा संजय बंजारा यह भी मुक बधिर से और इसकी भी खुशी का ठिकाना नहीं था। हालांकि इस शादी में मूक-बधिर दूल्हे की तरफ से दूल्हे की मां, मौसी, बहन, भाई सहित बहुत से रिश्तेदार उपस्थित हुए।

8 सालों से रही थी स्वधार गृह में

मुन्नी उर्फ यशोदा 1 जनवरी 2016 को सुधार गृह शोभापुर आई हुई थी इसके मां पिताजी नहीं है। पिछले 8 वर्षों से ग्राम भारती महिला मंडल की पदाधिकारी ही मुन्नी उर्फ यशोदा की देखरेख कर रही हैं जिस समय मुन्नी उर्फ यशोदा की विदाई का दृश्य था उस समय ग्राम भारती महिला मंडल की संस्थापक भारतीय अग्रवाल नंदा सोनी सहित महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल था। महिलाओं ने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि वह मुन्नी उर्फ यशोदा का विवाह भी बड़े धूमधाम के साथ होगा और वह भी अपना घर परिवार बरसाने में सफल हो पाएगी। मुक बधिर बगैर माता-पिता की बच्ची के विवाह की चर्चा क्षेत्र में सुर्खियों में बनी हुई है और ग्राम भारती महिला मंडल के इस कार्य की भूरी भूरी प्रशंसा की जा रही है।

जन्म से अनाथ है यशोदा

ग्राम भारती महिला मंडल की संस्थापक एवं अध्यक्ष भारतीय अग्रवाल के अथक प्रयासों से मुन्नी उर्फ यशोदा का विवाह मगलवार को स्वाधार गृह में संपन्न हुआ। ग्राम भारती महिला मंडल की अध्यक्ष भारतीय अग्रवाल ने बताया कि मुन्नी उर्फ यशोदा कहां की रहने वाली है इसकी जानकारी नहीं है उसके मां-बाप भी नहीं है और वह जन्म से बोल और सुन नहीं सकती है। ठीक इसी तरह का लडक़ा लहरिया मैं देखा गया और उस के परिवार से बातचीत करने के बाद लडक़े पक्ष की तरफ से उसकी मां -मौसी और तीन बहने मुन्नी उर्फ यशोदा को देखने आई है दोनों के बीच में सामंजस बनने के बाद मुक बधिर संजय बंजारा एवं मुन्नी उर्फ यशोदा की स्वाधार गृह शोभापुर में धूमधाम से विवाह कराया गया है।

सिलाई-कढ़ाई में निपुण है यशोदा

ग्राम भारती महिला मंडल के अध्यक्ष भारतीय अग्रवाल ने बताया कि यशोदा को संजय बंजारा के माध्यम से 25 हजार की एफडी उसकी मां सरस्वती बंजारा के माध्यम से करके दिया गया है। उन्होंने बताया कि संजय बंजारा की तीन बहने हैं जो शादीशुदा है और वह दो भाई हैं दो भाइयों के बीच में डेढ़ एकड़ जमीन है। वह लहरिया में रहकर वेस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड की भूमिगत खदान में ठेका मजदूरी का कार्य करता है। यशोदा मूक बधिर है और वर्ष 2016 से स्वाधार गृह में रहकर बड़ी निष्ठा के साथ सिलाई से विभिन्न प्रकार के कपड़े बनाने की कला को सीखने का काम किया। स्वाधार गृह के छोटे बड़े सभी लोग मिलकर यशोदा की शादी की खुशी में शामिल होने पर अपना उत्साह इजहार करने से पीछे नहीं रह पाए।

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