कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने एक बार फिर अपनी ही पार्टी के नेताओं पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने तिरुवनंतपुरम से सांसद Shashi Tharoor को लेकर बड़ा बयान दिया और दावा किया कि थरूर अगला विदेश मंत्री बनने की इच्छा रखते हैं। अय्यर के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
शशि थरूर पर सीधा निशाना
एक इंटरव्यू में अय्यर ने शशि थरूर को “एंटी-पाकिस्तान” बताते हुए कहा कि वह खुद को भविष्य का विदेश मंत्री मानते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि थरूर की महत्वाकांक्षा साफ दिखाई देती है। देसी अंदाज में कहें तो अय्यर ने बिना लाग-लपेट के सीधे वार किया। यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस अंदरूनी खींचतान से जूझ रही है।
पवन खेड़ा और जयराम रमेश पर भी हमला
अय्यर ने पार्टी प्रवक्ता Pawan Khera को ‘कठपुतली’ तक कह दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि खेड़ा पिछले दो साल से उनके खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं। वहीं Jairam Ramesh पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अपनी नौकरी बचाने की चिंता है। अय्यर के इन बयानों ने कांग्रेस के भीतर मतभेद की तस्वीर को और उजागर कर दिया।
केरल चुनाव पर निराशा
अय्यर ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस केरल विधानसभा चुनाव नहीं जीत पाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी के नेता आपस में ही ज्यादा लड़ते हैं और एक-दूसरे से नफरत करते हैं। उनका मानना है कि यही आपसी फूट कांग्रेस की सबसे बड़ी कमजोरी है। उन्होंने पहले भी कहा था कि केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ही दोबारा सत्ता में लौट सकते हैं।
कांग्रेस ने किया किनारा
अय्यर के बयानों से कांग्रेस ने खुद को अलग कर लिया है। पवन खेड़ा ने साफ कहा कि मणिशंकर अय्यर का पिछले कुछ वर्षों से पार्टी से कोई औपचारिक संबंध नहीं है और वह अपने निजी विचार रखते हैं।
कुल मिलाकर, अय्यर के इस बयान ने कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी इस विवाद को कैसे संभालती है।





