ग्वालियर: मध्य प्रदेश वे ग्वालियर चंबल अंचल में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का आयोजन हुआ. इस दो दिवसीय आयोजन के समापन पर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ नेता मंत्रियों के अलावा टूरिज्म और फिल्म इंडस्ट्री की सख्सियतें भी मौजूद रहीं. इस दौरान मध्य प्रदेश और खासकर ग्वालियर चंबल अंचल में पर्यटन को नई उड़ान देने के लिए कई सौगातें भी इस कार्यक्रम के दौरान मिली हैं.
सीएम के साथ अभिनेता पीयूष मिश्रा रहे मौजूद
रीजनल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव के दूसरे दिन शनिवार को कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल हुए. उनके साथ ही विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और प्रदेश के चार मंत्री, होटल इंडस्ट्रीज से जुड़े कई दिग्गजों के अलावा फिल्म एक्टर और सिंगर पीयूष मिश्रा ने भी कॉन्क्लेव में शिरकत की. कार्यक्रम की शुरुआत इन्वेस्टर्स के साथ MOU और अंचल में पर्यटन और संस्कृति से जुड़े विभिन्न निर्माण कार्यों के वर्चुअल शिलान्यास और भूमिपूजन से हुई.
ग्वालियर किले पर खर्च होंगे 100 करोड़
इस कार्यक्रम के दौरान ग्वालियर चंबल अंचल की एतिहासिक धरोहरों और इस क्षेत्र की पर्यटन संपदाओं को लेकर प्रेजेंटेशन दिया गया. जिसमें सबसे अहम करार इंडिगो और आगा खान ट्रस्ट फॉर कल्चर के साथ हुए जो अपने सीएसआर फण्ड के जरिये ग्वालियर के खूबसूरत और ऐतिहासिक किले को संरक्षित करने, उसे पर्यटन की दृष्टि और बेहतर बनाने के लिए लगभग 100 करोड़ रुपये खर्च करेंगे.
सीएम ने इन्वेस्टर्स से की वन टू वन चर्चा
वहीं, कार्यक्रम के बीच मुख्यमंत्री ने टूरिज्म इंडस्ट्रीज से जुड़े तमाम स्टेक होल्डर्स, फिल्म मेकर्स, वाइल्ड लाइफ से जुड़े लोगों के साथ वन टू वन बातचीत भी की. इसमें उन्होंने मध्य प्रदेश टूरिज्म के विस्तार की योजनाओं, स्थलों और भविष्य की तैयारियों की जानकारी दी, साथ ही उनसे सुझाव भी लिए.
सीएम की चर्चा में आरटीसी ग्वालियर, नीमराना होटल्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अमन नाथ, भारत और दक्षिण एशिया कौर के उपाध्यक्ष संचालन विनीत मिश्रा, भारतीय टूर ऑपरेटर संघ के अध्यक्ष रवि गोसाईं, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक केके मुहम्मद, आगा खान ट्रस्ट फॉर कल्चर इन इंडिया के सीईओ रतीश नंदा, एस्सार समूह और एविड लर्निंग के सीईओ रॉयल ओपेरा हाउस मुंबई के क्यूरेटर असद लालजी समेत देश की कई हस्तियां शामिल थीं.
एक्टर पीयूष मिश्रा ने बताया, एमपी में शूट का अनुभव
कार्यक्रम के दौरान अभिनेता पीयूष मिश्रा ने भी अपने संबोधन में ग्वालियर चंबल अंचल और मध्य प्रदेश में फिल्म शूटिंग और अभिनय की संभावनाओं पर बात की. उन्होंने बताया कि, ''वे खुद ग्वालियर में पैदा हुए हुए और यहीं उन्होंने सदी के महानायक अमिताभ बच्चन की फिल्म दीवार में पहली बार अभिनय किया था.''
उन्होंने कहा, ''यह बहुत अच्छी बात है कि अब मध्य प्रदेश में भी सिनेमा को बढ़ाने के लिए पढ़ाने के लिए इंस्ट्यूट की पहल सरकार कर चुकी है. बीते पाँच वर्षों में मध्य प्रदेश सिनेमा शूटिंग के लिहाज से बेहतरीन डेस्टिनेशन बन चुका है.'' वहीं उन्होंने इस दौरान अपने अनुभव भी साझा किए.
ऑनलाइन खरीद सकेंगे एमपी का आर्ट, पोर्टल लॉन्च
कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश के आर्ट एंड क्राफ्ट्स को ई-कॉमर्स के जरिए देश भर के लोगों तक उपलब्ध कराने के किए नया पोर्टल (वेबसाइट) क्राफ्ट ग्रूम की भी लॉन्चिंग की गई. जहां प्रदेश की यूनिक आर्ट्स और हैंडीक्राफ्ट्स लोग खरीद सकेंगे. इस पहल से स्मॉल और पाटम्परिक कलाकारों को एक प्लेटफॉर्म मिलेगा. साथ ही वे इससे कमाई भी कर पाएंगे.
साढ़े तीन हजार करोड़ का मिला निवेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आयोजन के बाद मीडिया को बताया कि, ''कॉनक्लेव में 25 से ज्यादा प्रमुख इन्वेस्टर्स, देशभर से 125 से अधिक ट्रैवल, टूर ऑपरेटर और 500 से अधिक हितधारक शामिल हुए हैं. इस रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में प्रमुख निवेशकों ने ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में 3500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की इच्छा जताकर इन क्षेत्रों में पर्यटन के विकास की अपार संभावनाओं को रेखांकित किया है. यह दोनों संभागों के लिए आर्थिक समृद्धि और रोजगार के नए द्वार खोलेगा.''
सीएम ने बताया इस आयोजन का उद्देश्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि, ''रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य ही पर्यटन क्षेत्र के हितधारकों जैसे होटल, रिसॉर्ट मालिकों, परिवहन और ट्रैवल टूर ऑपरेटरों को अपने पर्यटन उत्पादों के प्रचार-प्रसार और व्यावसायिक चर्चा के लिए एक मंच प्रदान करना है.''
''जिस पर मध्य प्रदेश, पर्यटन के विभिन्न स्रोत बाजारों से खरीदारों को आमंत्रित करेगा, जिससे प्रदेश में निवेश करने वाले हितधारकों के साथ मिलकर व्यवसाय वृद्धि का मौका मिलेगा और इससे सीधे तौर पर नए रोजगार के अवसर, अधोसंरचना में विकास, ग्रामीण जनसमुदाय की आर्थिक स्थिति में सुधार और पर्यटकों को नए डेस्टिनेशन में भ्रमण के साथ नए अनुभव मिलेंगे.''
पर्यटन में आत्मनिर्भर बन रहा मध्य प्रदेश
सीएम चर्चा के दौरान कहा, "पीएम नरेंद्र मोदी का "एमपी अजब है सबसे गजब है" का प्रेरणा वाक्य वास्तव में मध्य प्रदेश के अनुपम नैसर्गिक सौंदर्य, ऐतिहासिक विरासत और समृद्ध संस्कृति का एक सटीक और जीवंत चित्रण है. यह वाक्य हमें प्रदेश के पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए निरंतर प्रेरित करता है, ताकि हम अपनी पहचान को और भी सुदृढ़ कर सकें.''
''हम मध्य प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में उनके दृष्टिकोण से प्रेरित होकर काम कर रहे हैं. जिस तरह प्रधानमंत्री ने देश को डिजिटल इंडिया के माध्यम से सशक्त किया है, उसी तरह हमने भी पर्यटन में डिजिटल पहलों को अपनाया है. प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करते हुए, हम मध्य प्रदेश को पर्यटन के क्षेत्र में एक आत्मनिर्भर और अग्रणी राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं."
अक्टूबर में होगा MPTM
मुख्यमंत्री मोहन यादव का कहना है कि, ''यह कॉन्क्लेव मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट (MPTM) की तैयारियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका आयोजन 11 से 13 अक्टूबर 2025 तक भोपाल में किया जाएगा. इससे पूर्व रीवा में 26-27 जुलाई 2025 रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव आयोजित किया गया, जिसमें 3000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की मंशा उत्साह के रूप में हम सभी के सामने है.''