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तवा-2 कोयला खदान में गोप फॉल से टली जनहानि,
खबरवाणी न्यूज़ रफीक
सारनी | पाथाखेड़ा क्षेत्र की तवा-2 कोयला खदान में 31 मार्च मंगलवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब खदान के अंदर अचानक गोप फॉल (छत धंसने) की घटना सामने आई। इस हादसे में कई मजदूर बाल-बाल बच गए, जबकि एक कर्मचारी घायल हो गया।
सूत्रों के अनुसार, वेस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (WCL) के कर्मचारी मन्नालाल को इस घटना में चोट आई है।
बताया जा रहा है कि खदान के भीतर ‘गोप’ क्षेत्र में छत गिरने से अचानक हवा का दबाव बढ़ गया, जिससे कोयले के छोटे-छोटे टुकड़े तेज गति से उछले और मजदूर को चोट लग गई।
दूसरी घटना में संजीत मंडल नामक ठेका मजदूर के साथ हादसा हुआ, जो केबल खींचने के दौरान ट्रैक पर फिसल गया। इस दुर्घटना में उसके दाहिने हाथ की दो जगह से हड्डी टूट गई। मजदूरों का आरोप है कि ठेकेदार राजीव सूर्यवंशी और सुपरवाइजर रामराज ने मामले को दबाते हुए उसे प्राइवेट अस्पताल में अधूरा इलाज कराकर घर भेज दिया। न तो पूरा इलाज कराया गया और न ही दवाइयों या इंजेक्शन के लिए आर्थिक सहायता दी गई।
नियमानुसार खदान में घायल मजदूरों का संपूर्ण इलाज कराना और उन्हें आर्थिक सहायता देना प्रबंधन और ठेकेदार की जिम्मेदारी होती है। लेकिन इस मामले में यह जिम्मेदारी पूरी तरह से नजरअंदाज की गई। अब घायल मजदूर और उसका परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा है और पिछले तीन से चार महीनों से जीवन-यापन तक मुश्किल हो गया है।
तवा-2 खदान का यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही और मजदूरों की अनदेखी का प्रतीक बनकर सामने आया है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में यह लापरवाही किसी बड़ी जनहानि का कारण बन सकती है।





