Lok Adalat: देशभर में जिस लोक अदालत का लोगों को इंतजार था, वह अब लगने जा रही है। यह साल 2025 की आखिरी नेशनल लोक अदालत है, जहां पुराने ट्रैफिक चालान कम करवाने या पूरी तरह माफ करवाने का सुनहरा मौका मिलेगा। कई लोग सालभर तक पुराने चालान लेकर परेशान रहते हैं, लेकिन लोक अदालत में अक्सर जुर्माने की राशि काफी कम कर दी जाती है, और कई मामलों में पूरे चालान को ही खत्म कर दिया जाता है।
यूपी में कब लगेगी साल की आखिरी लोक अदालत
उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में यह आखिरी लोक अदालत 13 दिसंबर को लगेगी। इससे पहले इस साल मार्च आठ, मई दस और सितंबर तेरह को भी लोक अदालतें लगी थीं, जिनमें हजारों लोगों के चालान निपटाए गए थे। अगर आपके ऊपर भी कोई बड़ा चालान बकाया है या जुर्माने की राशि बहुत ज्यादा है, तो यह मौका बिल्कुल भी मिस न करें। कल आयोजित होने वाली लोक अदालत में आपका चालान काफी हद तक कम हो सकता है।
लोक अदालत में कैसे सुलझते हैं चालान
लोक अदालत एक ऐसी व्यवस्था है जहां मामलों का निपटारा बेहद आसान और जल्दी हो जाता है। इसमें लंबी तारीखों और कोर्ट-कचहरी के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। ट्रैफिक चालानों से लेकर कई छोटे-मोटे केस यहां तुरंत निपटा दिए जाते हैं। चालान कटने के बाद जो लोग महीनों परेशान रहते हैं, उनके लिए लोक अदालत सबसे बड़ा सहारा है। यहां अधिकारियों की मौजूदगी में तुरंत फैसला होता है और चालान में राहत मिल जाती है।
इस मौके को क्यों नहीं छोड़ना चाहिए
चूंकि 13 दिसंबर इस साल की आखिरी लोक अदालत है, इसलिए इसे मिस करना नुकसानदायक साबित हो सकता है। अगर आप इस बार नहीं गए, तो अगली लोक अदालत अगले साल लगेगी। इसलिए चाहे जुर्माना ज्यादा हो या पुराना चालान लंबित हो, कल का दिन आपके लिए बेहद जरूरी है। समय पर पहुंचकर आप अपना चालान निपटा सकते हैं और एक बड़ी टेंशन से छुटकारा पा सकते हैं।
पुराने चालान से छुटकारे का आसान तरीका
पुराने ट्रैफिक चालान से छुटकारा पाने का सबसे आसान तरीका यही लोक अदालत है। यहां न कोई अतिरिक्त शुल्क होता है और न ही कोई जटिल प्रक्रिया। बस संबंधित दस्तावेज लेकर समय पर पहुंचना होता है। अधिकारी आपकी सुनवाई करेंगे और चालान की राशि कम कर देंगे या उसे पूरी तरह खत्म भी कर सकते हैं। यह साल खत्म होने से पहले अपने वाहन से जुड़ी परेशानियों से मुक्त होने का आखिरी मौका है।





