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भौंरा की पहाड़ी पर तेंदुए की लोकेशन, पांचवें दिन भी जारी सर्चिंग , विधायक ने किया निरीक्षण, कहा- जनसुरक्षा सर्वोपरि
चार हाथियों की मदद से रेस्क्यू टीम कर रही गहन सर्चिंग, पूर्व में वनकर्मी पर भी हुआ था हमला
भौंरा । नगर के आसपास के इलाकों में तेंदुए की मौजूदगी अब पांचवें दिन में पहुंच चुकी है।
रविवार को जहां लोकेशन ज्ञानोदय इंग्लिश स्कूल के पास जंगल क्षेत्र में मिली थी, वहीं सोमवार को नई लोकेशन नेशनल हाईवे बायपास की ऊपरी पहाड़ी पर ट्रेस की गई।
इस जानकारी के बाद सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम ने चार हाथियों की मदद से सर्चिंग अभियान को और तेज कर दिया। सुबह से ही पहाड़ी पर वन विभाग की गतिविधियां बढ़ गईं। हाथियों के बीच रेस्क्यू दल हर झाड़ी और पगमार्ग पर नजर रखे रहा। रेस्क्यू दल में रेस्क्यू प्रभारी पी.एस. ठाकुर, वन्य प्राणी चिकित्सक डॉ. गुरुदत्त शर्मा, और भौंरा वन परिक्षेत्र अधिकारी विजेंद्र तिवारी सहित पूरा स्टाफ शामिल रहा।
रेस्क्यू प्रभारी ठाकुर ने बताया कि तेंदुए की लोकेशन अब बायपास की ऊपर पहाड़ी पर मिली है। घने पेड़ों और पत्थरों के बीच मूवमेंट ट्रैक कर टीम लगातार प्रयास कर रही है। हाथियों की मदद से हर दिशा में सर्चिंग की जा रही है ताकि तेंदुए को बिना किसी हानि के सुरक्षित पकड़ा जा सके।
इसी बीच सोमवार दोपहर विधायक गंगा सज्जन सिंह उईके भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने पहाड़ी पर रेस्क्यू दल से विस्तृत जानकारी ली और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने कहा वन विभाग और रेस्क्यू टीम पूरी मेहनत कर रही है। नागरिकों की सुरक्षा से बड़ा कोई उद्देश्य नहीं हो सकता। मेरा आग्रह है कि विभाग बिना देरी के तेंदुए को सुरक्षित रेस्क्यू करे ताकि नगर में व्याप्त भय समाप्त हो।
भौंरा वन परिक्षेत्र अधिकारी विजेंद्र तिवारी ने बताया कि सर्चिंग दल सुबह और शाम दोनों समय लोकेशन ट्रेस कर रहा है।
उन्होंने कहा तेंदुआ अब पहाड़ी क्षेत्र में सक्रिय है। हमारी टीम लगातार निगरानी में है और आसपास के नागरिकों से अपील करती है कि वे रात्रि में अकेले बाहर न निकलें तथा छोटे बच्चों और पशुओं को घर के भीतर रखें।
इससे पहले गुरुवार रात को तेंदुआ लकड़ी डिपो क्षेत्र में वनकर्मी विजय द्विवेदी पर झपट पड़ा था। वे उस समय लोकेशन ट्रेस कर रहे थे। अचानक अंधेरे में तेंदुआ सामने आ गया और कुछ दूरी तक उनका पीछा किया।
विजय द्विवेदी ने दौड़ लगाकर और शोर मचाकर किसी तरह अपनी जान बचाई थी। यह घटना लकड़ी डिपो और विधायक निवास के बीच के क्षेत्र की थी, जिसके बाद से विभाग ने सुरक्षा उपाय बढ़ा दिए हैं।
लगातार पांच दिनों से नगरवासी भय में हैं। अंधेरा होते ही बाजार जल्दी बंद हो जाते हैं और सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है। फिर भी लोग उम्मीद कर रहे हैं कि रेस्क्यू टीम की कोशिशें जल्द रंग लाएंगी और भौंरा की रातें अब चैन से गुजरेंगी।





