मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने बड़ा दावा किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान की सबसे ताकतवर सैन्य इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) के मुख्यालय को पूरी तरह नष्ट करने का ऐलान किया है। अमेरिका ने इसे “सांप का सिर काटना” बताया और मिसाइल हमले का वीडियो भी जारी किया, जिसमें शहरी कॉम्प्लेक्स धूल में मिलता दिख रहा है।
IRGC पर सीधा वार, बदले की बात
अमेरिकी सेना का कहना है कि पिछले 47 वर्षों में IRGC की गतिविधियों में 1,000 से ज्यादा अमेरिकी नागरिकों की मौत हुई। अब उसके मुख्य अड्डे को तबाह कर बदला लिया गया है।
हमले के बाद तेहरान और खाड़ी देशों में एयर रेड सायरन गूंजने लगे। पूरे इलाके में मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें सामने आ रही हैं। हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं।
“एक महीने तक जारी रहेगी जंग” – ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इंटरव्यू में साफ कहा कि यह सैन्य कार्रवाई यहीं नहीं रुकेगी। उनका कहना है कि अमेरिका और इज़राइल कम से कम चार से पांच हफ्तों तक हमले जारी रख सकते हैं।
ट्रंप ने भरोसा जताया कि अमेरिका के पास हथियार और गोला-बारूद की कोई कमी नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर ईरान बातचीत चाहता है तो अमेरिका तैयार है।
ईरान का पलटवार, खाड़ी में नए मोर्चे
ईरान ने इस हमले को खुली जंग बताया है। देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या को मुस्लिम दुनिया के खिलाफ युद्ध की घोषणा बताया गया है।
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि इस “ऐतिहासिक अपराध” का जवाब जरूर दिया जाएगा। इसके बाद IRGC ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर दिए। संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर और इज़राइल तक असर देखा गया है।
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ओमान की शांति पहल, क्या थमेगी जंग?
इस भीषण टकराव के बीच ओमान के विदेश मंत्री ने दोनों देशों से युद्धविराम की अपील की है। ओमान खुद को मध्यस्थ की भूमिका में ला रहा है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी कहा है कि अगर गंभीर प्रयास हों तो स्थिरता बहाल की जा सकती है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि एक तरफ कूटनीति की कोशिशें चल रही हैं, तो दूसरी तरफ मिसाइलों की गूंज से पूरा मिडिल ईस्ट कांप रहा है।
अब दुनिया की नजर इस बात पर है कि क्या बातचीत से रास्ता निकलेगा या यह जंग और लंबी खिंचेगी।





