Iran vs America: पिछले कई दशकों से United States और Iran के बीच तनाव जारी है। दुनिया की सबसे ताकतवर ताकत होने के बावजूद अमेरिका, ईरान को पूरी तरह झुका नहीं पाया। देसी अंदाज में कहें तो “इतना दबाव डालने के बाद भी ईरान टस से मस नहीं हुआ”।
‘Ghost War’ क्या है? समझिए आसान भाषा में
ये कोई आम जंग नहीं है, बल्कि एक “Ghost War” यानी अदृश्य युद्ध है। इसमें बम-गोले नहीं, बल्कि कंप्यूटर और इंटरनेट के जरिए हमला होता है। ईरान ने साइबर हमलों के जरिए अमेरिका को कई बार चौंकाया है। ये वही जंग है जहां दुश्मन दिखता नहीं, लेकिन नुकसान भारी होता है।
साइबर अटैक से कैसे हिल गई अमेरिका की नींव?
एक समय ऐसा आया जब ईरान से जुड़े हैकर्स ने अमेरिका के बड़े-बड़े बैंकों और कंपनियों को निशाना बनाया। Bank of America और JP Morgan Chase जैसी कंपनियों की ऑनलाइन सेवाएं ठप हो गईं। इससे साफ हो गया कि “डिजिटल दुनिया में भी अमेरिका पूरी तरह सुरक्षित नहीं है”।
IRGC और खुफिया ऑपरेशन का खेल
ईरान की ताकत सिर्फ मिसाइल नहीं, बल्कि उसकी खुफिया रणनीति भी है। Islamic Revolutionary Guard Corps से जुड़े हैकर्स ने “Operation Ababil” और “Operation Cleaver” जैसे मिशन चलाए। इनका मकसद सिर्फ हमला नहीं, बल्कि दुश्मन की कमजोरियों को समझना भी था।
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अमेरिका क्यों परेशान है?
अमेरिका के पूर्व CIA चीफ John Brennan भी मान चुके हैं कि ईरान की साइबर ताकत बेहद खतरनाक है। सबसे बड़ा डर ये है कि अगर ये हमले पावर ग्रिड, एयरपोर्ट या न्यूक्लियर प्लांट पर हुए, तो भारी तबाही हो सकती है।




