International Mountain Day: हर साल 11 दिसंबर को इंटरनेशनल माउंटेन डे मनाया जाता है। इस दिन का मकसद दुनिया भर के पहाड़ी इलाकों की अहमियत और प्राकृतिक भूमिका को समझाना है। पहाड़ों की खूबसूरती किसी भी थके हुए मन को सुकून दे देती है। साल के अंत में ट्रिप प्लान करने का मन है? तो ये पांच हिल स्टेशन दिसंबर में घूमने के लिए परफेक्ट हैं। दिल्ली से कुछ घंटे की दूरी पर बसे ये पहाड़ी ठिकाने आपका दिल खुश कर देंगे।
देवप्रयाग – दो नदियों का संगम, मन को शांति
उत्तराखंड का देवप्रयाग दिसंबर के लिए बढ़िया विकल्प है। यहां अलकनंदा और भागीरथी नदियों का संगम देखने लायक होता है। शांत पहाड़, साफ हवा और कम भीड़ इसे और भी खूबसूरत बनाते हैं। दिल्ली से यहां तक की रोड ट्रिप भी शानदार रहती है।
औली – बर्फ, स्कीइंग और सूर्योदय का जादू
अगर आपको बर्फ और एडवेंचर पसंद है, तो दिसंबर में औली जरूर जाएं। दिल्ली से करीब 8–9 घंटे की दूरी पर स्थित औली में इस मौसम में जबरदस्त स्नोफॉल होता है। यहां स्कीइंग, कैंपिंग और रात में मिल्की वे का नजारा देखने का अलग ही मजा है। सुबह के सूरज की सुनहरी रोशनी पहाड़ों पर पड़ती है तो नज़ारा बिल्कुल फिल्मी लगता है।
शोजा – भीड़ से दूर असली हिल स्टेशन वाली फील
हिमाचल प्रदेश का छोटा-सा लेकिन बेहद प्यारा कस्बा शोजा आजकल दिल्ली वालों की फेवरेट जगह बन रहा है। कुल्लू हाइवे के पास बसे शोजा में कम भीड़, घने देवदार के जंगल और ठंडी हवा ट्रिप को यादगार बना देते हैं। लगभग 480 किलोमीटर की दूरी इसे वीकेंड ट्रिप के लिए एकदम फिट बनाती है।
रुद्रप्रयाग – नदियों और पहाड़ों के बीच शांत छुट्टियां
अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों के किनारे बसा रुद्रप्रयाग एकदम सुकून भरा हिल स्टेशन है। दिसंबर तक यहां मौसम शानदार रहता है। गांवों की शांति, पहाड़ों का सौंदर्य और धार्मिक महत्व इसे फैमिली ट्रिप के लिए भी परफेक्ट बनाते हैं। यह दिल्ली से करीब 370 किलोमीटर दूर है।
नौकुचियाताल – झील, रोमांच और पिकनिक का मजा
अगर झीलें पसंद हैं, तो दिसंबर में नौकुचियाताल जरूर जाएं। यह जगह नैनीताल के पास है और यहां शांत झील, बोटिंग और पैराग्लाइडिंग जैसे एडवेंचर खूब मिलते हैं। दिल्ली से सिर्फ 300 किलोमीटर की दूरी इसे एक पॉपुलर ट्रैवल स्पॉट बनाती है। यहां से आसपास के मंदिरों और पहाड़ी गांवों की छोटी-छोटी ट्रिप भी की जा सकती है।





