IND vs SA: टीम इंडिया के स्टार गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह ने एक बार फिर साबित कर दिया कि क्यों उन्हें दुनिया का सबसे खतरनाक पेसर कहा जाता है। साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले टी20 मैच में दो विकेट लेकर उन्होंने ऐसा कारनामा कर दिखाया, जो आज तक कोई भी भारतीय गेंदबाज़ नहीं कर पाया था।
बुमराह का ‘ऐतिहासिक शतक’ – तीनों फॉर्मेट में 100+ विकेट
भारत ने पहले टी20 में साउथ अफ्रीका को 101 रन से हराया, और इस मैच में बुमराह टीम इंडिया के हीरो बनकर उभरे। उन्होने दो विकेट झटके और इसके साथ ही टी20I में 100 विकेट पूरे कर लिए।
इस उपलब्धि के साथ वे भारत के पहले गेंदबाज़ बन गए जिन्होंने
- टेस्ट,
- वनडे,
- टी20 इंटरनेशनल
तीनों फॉर्मेट में 100 से ज़्यादा विकेट झटके हैं।
फैंस ने सोशल मीडिया पर जैसे ही यह खबर देखी, हर तरफ बस एक ही आवाज़ गूँज उठी—
“जस्सी जैसा कोई नहीं!”
कटक में बुमराह का कमाल – दर्ज किया अनोखा रिकॉर्ड
कटक में बुमराह के पास इतिहास रचने का सुनहरा मौका था क्योंकि उनके नाम 99 T20I विकेट थे।
उन्होंने मौके को खोया नहीं और दो अफ्रीकी बल्लेबाज़ों को आउट कर टी20I में शतक पूरा किया।
इससे पहले टी20I में 100 विकेट का आंकड़ा छूने वाले भारतीय गेंदबाज़ सिर्फ अर्शदीप सिंह थे।
अब बुमराह इस सूची में शामिल होने वाले दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं।
बुमराह के तीनों फॉर्मेट के रिकॉर्ड – एक नज़र में
जसप्रीत बुमराह के अब तक के इंटरनेशनल करियर के आकड़े शानदार रहे हैं। उनके रिकॉर्ड इस प्रकार हैं:
| फॉर्मेट | मैच | विकेट | इकोनॉमी | स्ट्राइक रेट | 5-विकेट हॉल |
|---|---|---|---|---|---|
| टेस्ट | 52 | 234 | 2.77 | 42.8 | 16 |
| ODI | 89 | 149 | 4.59 | 30.7 | 2 |
| T20I | 81 | 101 | 6.35 | 16.9 | 0 |
ये आंकड़े साफ बताते हैं कि बुमराह सिर्फ तेज गेंदबाज़ नहीं, बल्कि भारत की बॉलिंग लाइन-अप की रीढ़ हैं।
SA के सबसे खतरनाक बल्लेबाज़ को भेजा पवेलियन
मैच में बुमराह ने सबसे बड़ा शिकार किया साउथ अफ्रीका के उभरते सितारे डिवाल्ड ब्रेविस का।
7वें ओवर में ब्रेविस ने बड़ा शॉट लगाने की कोशिश की, लेकिन गेंद सीधी सूर्यकुमार यादव के हाथों में चली गई।
इसके बाद उन्होंने केशव महाराज को भी चलता किया और SA की कमर पूरी तरह तोड़ दी।
सीरीज़ में बुमराह से और धमाल की उम्मीद
पहले मैच में बेहतरीन प्रदर्शन के बाद फैंस को उम्मीद है कि बुमराह बाकी बचे चार टी20 मैचों में भी ऐसी ही घातक गेंदबाज़ी करते रहेंगे। उनकी रफ्तार, लाइन-लेंथ और स्विंग खेलना किसी भी बल्लेबाज़ के लिए आसान नहीं रहने वाला।





