IND vs SA तीसरा ODI विशाखापट्टनम में खेला जाना है और टीम इंडिया की सबसे बड़ी चिंता सिर्फ मैच नहीं बल्कि टॉस भी है। पिछले दो सालों से भारतीय कप्तानों की टॉस में किस्मत ने साथ छोड़ दिया है। आश्चर्य की बात यह है कि टीम इंडिया लगातार 20 ODI टॉस हार चुकी है, जो बेहद दुर्लभ और हैरान करने वाला आंकड़ा है। अब टीम इंडिया चाहेगी कि इस बदकिस्मती का सिलसिला खत्म हो और किस्मत पलट जाए।
टॉस का गणित: 21वां टॉस हारा तो होगा ’20 लाख में एक’ जैसा चांस
टीम इंडिया ने आखिरी बार टॉस वर्ल्ड कप 2023 के सेमीफाइनल में जीता था। उसके बाद रोहित शर्मा, शुभमन गिल और केएल राहुल—तीनों कप्तानों ने टॉस में हाथ आजमाया, पर किसी को सफलता नहीं मिली। दूसरे ODI में भारत 20वां टॉस हार चुका है।अगर टीम इंडिया अब 21वां टॉस भी हारती है, तो इसके होने की संभावना 1 में 20,97,152 यानी 0.00004768% है।इतनी कम संभावना में भी टीम इंडिया लगातार हार रही है—यह किसी “अनलकी पैटर्न” जैसा लगने लगा है।यही वजह है कि तीसरे ODI में सबसे ज्यादा निगाहें इसी बात पर होंगी कि आखिर किस्मत बदलती है या नहीं।
सिर्फ टॉस नहीं, मैच भी जीतना है जरूरी
भारत और दक्षिण अफ्रीका की तीन मैचों की ODI सीरीज फिलहाल 1-1 पर बराबरी पर है।
रांची में भारत ने जीत दर्ज की थी, जबकि रायपुर में साउथ अफ्रीका ने वापसी की।
अब विशाखापट्टनम में तीसरा और निर्णायक मुकाबला खेला जाएगा।
सिर्फ टॉस ही नहीं, टीम इंडिया का लक्ष्य मैच जीतकर सीरीज पर कब्जा जमाना भी होगा।
टेस्ट सीरीज भारत पहले ही 0-2 से हार चुका है, इसलिए फैंस भी एक दमदार रिवेंज की उम्मीद कर रहे हैं।
टीम इंडिया में होंगे बदलाव? यह खिलाड़ी हो सकता है बाहर
दूसरे मैच में प्रसिद्ध कृष्णा काफी महंगे साबित हुए। उनका इकोनॉमी रेट 10 से ऊपर चला गया था।
ऐसे में उन्हें बाहर किया जा सकता है और उनकी जगह नितीश कुमार रेड्डी को मौका मिलने की पूरी संभावना है।
नितीश गेंदबाजी के साथ-साथ बल्लेबाजी में भी गहराई बढ़ाते हैं, जिससे टीम का बैलेंस बेहतर हो सकता है।
तेज गेंदबाजी विभाग में उनके साथ अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा और हार्दिक पंड्या होंगे।
Read Also:Body में Vitamin D की कमी क्यों होती है? ये 5 आदतें आपको अंदर ही अंदर कमजोर बना रहीं हैं
क्या टीम इंडिया बदल पाएगी किस्मत?
फैंस की नजरें सिर्फ मैच पर नहीं बल्कि टॉस पर भी होंगी।
इतने लंबे समय से टॉस हारने के बाद टीम इंडिया मन ही मन शायद कह रही होगी—
“बस अब किस्मत हमारे साथ हो जाए।”
अगर भारत टॉस जीत जाता है, तो यह एक तरह से टीम के आत्मविश्वास को भी बड़ा बूस्ट देगा।






1 thought on “IND vs SA: टीम इंडिया को चाहिए टॉस में किस्मत का साथ”
Comments are closed.