IND vs AUS: मेलबर्न के मैदान पर खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में टीम इंडिया (Team India) की बल्लेबाज़ी ने निराश किया। पूरी टीम मात्र 125 रन पर सिमट गई। न कप्तान सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) का बल्ला चला, न शुभमन गिल, संजू सैमसन (Sanju Samson) और तिलक वर्मा (Tilak Varma) कुछ खास कर पाए। जवाब में ऑस्ट्रेलिया (Australia) ने मात्र 13.2 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया और मुकाबला 4 विकेट से जीत लिया। इस हार के पीछे कप्तान सूर्यकुमार यादव और कोच गौतम गंभीर की तीन बड़ी गलतियां अहम रहीं।
संजू सैमसन को नंबर-3 पर भेजना पड़ा भारी
पहली बड़ी गलती थी संजू सैमसन को नंबर तीन पर बल्लेबाज़ी के लिए भेजना। एशिया कप में वे नंबर पांच पर बल्लेबाज़ी कर रहे थे और उस जगह पर उनका प्रदर्शन बेहतर रहा था। लेकिन मेलबर्न में उन्हें ऊपर भेजने का फैसला गलत साबित हुआ। संजू केवल 2 रन बनाकर आउट हो गए। अगर किसी को प्रमोट करना ही था, तो तिलक वर्मा को मौका देना चाहिए था, जिन्होंने पहले भी इस पोजीशन पर बेहतरीन प्रदर्शन किया है।
हार्दिक की जगह हरषित को भेजना समझ से परे
टीम इंडिया की दूसरी बड़ी गलती थी हरषित राणा (Harshit Rana) को शिवम दुबे (Shivam Dube) से पहले भेजना। जब भारत का पांचवां विकेट अक्षर पटेल के रूप में गिरा, तो उम्मीद थी कि दुबे बल्लेबाज़ी करने आएंगे, लेकिन उनकी जगह हरषित को भेजा गया। हरषित ने 33 गेंदों पर 35 रन तो बनाए, लेकिन उनकी धीमी बल्लेबाज़ी ने टीम पर दबाव बढ़ा दिया। जब शिवम दुबे मैदान पर आए, तब रनरेट बहुत ज्यादा था और वे केवल 4 रन बनाकर आउट हो गए।
अर्शदीप सिंह को बाहर रखना साबित हुआ नुकसानदायक फैसला
तीसरी बड़ी गलती थी अर्शदीप सिंह (Arshdeep Singh) को लगातार दूसरे मैच में प्लेइंग इलेवन से बाहर रखना। कोच गंभीर और कप्तान सूर्यकुमार ने बल्लेबाज़ी गहराई के लिए हरषित को मौका दिया, लेकिन यह फैसला उल्टा पड़ गया। हरषित ने अपने दो ओवर में 27 रन लुटा दिए, जबकि अर्शदीप भारत के सबसे भरोसेमंद टी20 गेंदबाजों में से एक हैं। उनके न खेलने से गेंदबाज़ी कमजोर दिखी और ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ों ने इसका पूरा फायदा उठाया।
टीम इंडिया को करनी होगी रणनीति पर पुनर्विचार
मेलबर्न की यह हार बताती है कि टीम इंडिया को अपनी रणनीति और बल्लेबाज़ी क्रम पर दोबारा सोचना होगा। कप्तान सूर्यकुमार यादव को खिलाड़ियों की स्थिति और भूमिका को सही तरह समझते हुए निर्णय लेने की जरूरत है। लगातार गलत फैसले टीम के मनोबल को कमजोर कर रहे हैं। अगर भारतीय टीम को आने वाले टी20 मैचों में जीत दर्ज करनी है, तो चयन और कप्तानी दोनों में सुधार जरूरी है।





