खबरवाणी
तुलसी नौरिया
प्रयागराज में शंकराचार्य के साथ अभद्रता पर उबाल, कांग्रेस और संतों ने फूंका विरोध का बिगुल
नरसिंहपुर। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज के साथ हुई अभद्रता और साधु-संतों पर हुए लाठीचार्ज की घटना को लेकर नरसिंहपुर में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। बुधवार को स्थानीय सुभाष पार्क के समीप कांग्रेस कार्यकर्ताओं और धर्मप्रेमियों ने एकत्रित होकर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन किया।
सनातन परंपरा के सर्वोच्च शिखर का अपमान
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने प्रयागराज की घटना को भारतीय संस्कृति और गौरवशाली परंपरा पर कुठाराघात बताया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनीता पटेल ने कहा कि शंकराचार्य जी सनातन धर्म के सर्वोच्च पद पर आसीन हैं। उनके साथ किया गया दुर्व्यवहार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह पूरी घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और इसने करोड़ों सनातनी प्रेमियों की भावनाओं को आहत किया है।
सत्ता के अहंकार में अंधी हुई सरकार: ब्रह्मचारी अचलानंद
विरोध प्रदर्शन में विशेष रूप से शामिल हुए परमहंसी गंगा आश्रम ज्योतेश्वर के ब्रह्मचारी अचलानंद जी ने उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सरकार को ‘हिंदू विरोधी’ करार देते हुए कहा, “यूपी सरकार सत्ता के अहंकार में इतनी अंधी हो चुकी है कि उसे न संत दिख रहे हैं, न संस्कृति और न ही संवैधानिक मर्यादा। धर्म और परंपरा के रक्षक शंकराचार्य जी के साथ जो व्यवहार हुआ, वह पूरे सनातन समाज का अपमान है।






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