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भीमपुर विकासखंड के ग्राम नांदा में 7-8 एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख, जंगल की ओर से लगी आग पर ग्रामीणों ने 50 लोगों की मदद से किया काबू
रिपोर्ट प्रदीप यादव भीमपुर
भीमपुर विकासखंड के ग्राम नांदा में गुरुवार दोपहर किसानों खुशीलाल यादव, छोटेलाल यादव और कुलदीप की लगभग 7 से 8 एकड़ में लगी आग कीमती गेहूं की फसल व पाईप लाईन जोकि कुलदीप की 20 पीस ख़ुशीलाल यादव 15 पीस अज्ञात कारणों से धधकती आग में जलकर राख हो गई। ग्रामीणों के अनुसार, आग संभवतः जंगल की ओर से लगी, जिसने फसल को भयंकर रूप से लपेट लिया। करीब 50 ग्रामीणों ने पानी और अन्य साधनों से घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया, अन्यथा नुकसान और भयावह हो सकता था।घटना दोपहर करीब लगभग 4 बजे की बताई जा रही है, जब जंगल की ओर से अचानक धुआं दिखाई दिया। खुशीलाल यादव ने बताया, “हमारी पूरी फसल परवान चढ़ चुकी थी। रबी का मौसम होने से गेहूं तैयार होने को था, लेकिन अचानक आग की लपटें फैल गईं। शुरुआत में हमें लगा कि शॉर्ट सर्किट या कोई चिंगारी हो सकती है, लेकिन जंगल की ओर से तेज हवा के साथ आग फैली।” छोटेलाल यादव और कुलदीप ने भी यही पुष्टि की कि फसल का बड़ा हिस्सा नष्ट हो गया है, जिससे लाखों का नुकसान हुआ है।ग्रामीणों ने तत्काल हड़कंप मच गया। आसपास के लोग पानी के ड्रम, बाल्टी और ट्रैक्टरों से पानी भरकर दौड़ पड़े। करीब 50 ग्रामीणों ने एकजुट होकर आग बुझाने का प्रयास किया। एक ग्रामीण ने कहा, फायर ब्रिगेड के न पहुंचने पर खुद ही जुट गए। आखिरकार शाम तक आग पर काबू पा लिया गया।” यदि ग्रामीण न पहुंचते तो आसपास के खेतों और घरों तक आग फैल सकती थी।प्रशासनिक स्तर पर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन करने लगाया है। किसानों ने मुआवजे की मांग की है। विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मी के मौसम में जंगल की झाड़ियों में लगने वाली आग खेतों तक पहुंच जाती है, इसलिए सतर्कता जरूरी है ग्रामीण आग लगने का सटीक कारण पता कर रहे हैं यह घटना क्षेत्र के किसानों के लिए चेतावनी है कि फसल सुरक्षा के लिए सतर्क रहें और जंगल क्षेत्रों के पास साफ-सफाई रखें। 





