खबरवाणी
नियमों को ताक पर रखकर शासकीय जमीन की अवैध प्लॉटिंग का खेल
हरन्या में करोड़ों की जमीन बेचने का आरोप, सरपंच-सचिव और पटवारी की मिलीभगत बताकर ग्रामीणों ने खोला मोर्चा
आमला/बैतूल। ग्राम पंचायत हरन्या में नियमों को ताक पर रखकर शासकीय जमीन की अवैध प्लॉटिंग किए जाने का बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि सरपंच, सचिव और हल्का पटवारी की मिलीभगत से करोड़ों रुपये की शासकीय भूमि को प्लॉट काटकर बेचा जा रहा है। मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और उन्होंने जनसुनवाई में पहुंचकर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को ज्ञापन सौंपते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ग्राम के मुरली यदुवंशी, दीपक यदुवंशी, संतोष यदुवंशी, भूपेंद्र यदुवंशी, धन्ना यदुवंशी, श्याम यदुवंशी सहित अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम हरन्या के खसरा नंबर 47 की शासकीय भूमि, जो बोरदेही-बैतूल मुख्य मार्ग पर स्थित है और रेलवे स्टेशन बोरदेही के समीप होने के कारण अत्यंत कीमती और व्यावसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, उस पर खुलेआम अवैध प्लॉटिंग की जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि बिना शासन की अनुमति के प्लॉट काटकर ग्रामीणों, बाहरी लोगों तथा कुछ शासकीय कर्मचारियों और संपन्न व्यक्तियों से मोटी रकम वसूली जा रही है। आरोप है कि इस पूरे खेल में जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने नियमों को दरकिनार कर शासकीय भूमि का अवैध सौदा किया है। इस मामले की जानकारी सोशल मीडिया पर भी सामने आने के बाद पटवारी द्वारा तहसील न्यायालय को अवगत कराने की बात भी चर्चा में है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस अवैध प्लॉटिंग से शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं भोले-भाले लोगों को ऊंचे दामों पर जमीन बेचकर ठगा जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी सरपंच, सचिव एवं पटवारी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए और शासकीय भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए।
कार्रवाई नहीं हुई तो चक्का जाम और भूख हड़ताल की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो ग्राम हरन्या के ग्रामीण सड़क पर उतरकर चक्का जाम और भूख हड़ताल जैसे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।






