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बुरहानपुर में हॉस्टल वार्डनों ने एक व्यक्ति पर लगाया ब्लैकमेलिंग का गंभीर आरोप

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खबरवाणी

बुरहानपुर में हॉस्टल वार्डनों ने एक व्यक्ति पर लगाया ब्लैकमेलिंग का गंभीर आरोप

RTI और CM हेल्पलाइन का दुरुपयोग कर शिकायतें दर्ज करने और फिर उन्हें वापस लेने के लिए पैसे मांगने का दावा

बुरहानपुर — जनजातीय कार्य विभाग के तहत आने वाले छात्रावासों के अधीक्षकों ने दिनेश सदाशिव सोनवने नामक व्यक्ति के खिलाफ प्रशासन को एक सामूहिक शिकायत सौंपी है। अधीक्षकों ने आरोप लगाया है कि सोनवने सूचना के अधिकार (RTI) और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का उपयोग कर पहले तो छात्रावासों के खिलाफ शिकायतें दर्ज करता है, और फिर इन शिकायतों को वापस लेने के एवज में उनसे मोटी रकम की मांग कर ब्लैकमेल करता है।

सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार होने का दावा

शिकायतकर्ता अधीक्षकों के अनुसार, दिनेश सोनवने खुद को सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार बताता है और कई वर्षों से यही गतिविधि कर रहा है। वह बार-बार आरटीआई आवेदन दाखिल करता है और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायतें दर्ज करवाता है। अधीक्षकों का यह भी दावा है कि अन्य लोगों द्वारा दर्ज की गई शिकायतें और आरटीआई भी कथित तौर पर सोनवने के इशारे पर ही दर्ज होती हैं। अधीक्षकों के पास इसके समर्थन में कॉल रिकॉर्डिंग होने की भी बात कही गई है।

नौकरी खत्म करने की धमकी

अधीक्षकों ने अपनी शिकायत में बताया है कि जब वे शिकायत वापस लेने के लिए सोनवने से संपर्क करते हैं, तो वह उन्हें मिलने के लिए बुलाता है और शिकायतें निरस्त करने के बदले बड़ी राशि की डिमांड करता है। रकम न देने पर वह “नौकरी खत्म कर दूंगा” जैसी धमकियाँ भी देता है। अधीक्षकों ने इस बात पर जोर दिया है कि अनुसूचित जाति छात्रावासों में कार्यरत महिला अधीक्षकों को विशेष रूप से अधिक निशाना बनाया जा रहा है।
50 से अधिक अधीक्षक हुए प्रभावित

सामूहिक शिकायत करने वाले अधीक्षकों की संख्या 50 से अधिक बताई जा रही है, जिनमें से अधिकांश कम से कम एक बार सोनवने द्वारा दर्ज कराई गई आरटीआई या शिकायत का सामना कर चुके हैं। अधीक्षकों का आरोप है कि वह वर्षों से एक ही पैटर्न पर काम कर रहा है: शिकायत दर्ज करना, अधिकारियों पर दबाव बनाना, और फिर पैसे वसूलना।

प्रशासन से न्याय और सख्त कार्रवाई की मांग

छात्रावास अधीक्षकों ने प्रशासन से इस गंभीर मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह की ब्लैकमेलिंग न केवल अधिकारियों के मनोबल को गिरा रही है, बल्कि महिला अधीक्षकों के बीच भय का माहौल भी पैदा कर रही है, और वे न्याय की गुहार लगा रहे हैं।

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