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पवित्र नगरी मे देर रात तक होते रहा होलिका दहन, आज मनेगी धुरेंडी
मुलताई। मंगलवार को चन्द्रग्रहण होने के चलते सोमवार को ही पवित्र नगरी मे होलिका दहन का त्योहार मनाया गया। सोमवार की शाम को पूर्णिमा तिथि लगने के बाद देर रात तक होली का पूजन कर होली जलाई गई। जिसके बाद मंगलवार को चंद्र ग्रहण के चलते धुरेंडी का पर्व नहीं मनाया गया, बुधवार को धुरेंडी का पर्व मनाया जाएग। वैसे तो नगर में सबसे पुरानी होली गांधी चौक की मानी जाती थी। जो कि सबसे बडी होली होती थी ।जिसका दहन प्राचीन काल से ही मुलताई के पटेल परिवार द्वारा किया जाता है। मुलताई का महाराष्ट्रीयन ब्राह्मण देशमुख परिवार मुलताई का पटेल परिवार जाना जाता है। जिनके द्वारा गांधी चौक की होली का विधि विधान से पूजन कर दहन किया जाता है।लेकिन अब समय के साथ साथ यह परंपरा बदल गई।लोग अपनी मनमर्जी से होली दहन करते है। नगर के फव्वारा चौक पर सूर्यपुत्री मां तापी महाआरती न्यास एवं हिन्दू संगठनों ने कंडे की होली जमाकर विधि विधान से होलिका दहन किया गया। जिसमें सैकड़ो की संख्या में लोग शामिल हुए। फव्वारा चौक पर साउडं की व्यवस्था की गई थी। जिसके बज रहे होली के गीतो ने लोगो को थिरकने के लिए मजबूर कर दिया। जिसके बाद अब बुधवार की धुरेंडी मनाई जाएगी।





