Heart Attack Prevention: आजकल भागदौड़ भरी जिंदगी, स्ट्रेस, गलत खान-पान और कम नींद हार्ट अटैक का सबसे बड़ा कारण बन रहे हैं। लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि अगर आप दिन के सिर्फ 5 मिनट भी दिल की हेल्थ को दे दें, तो हार्ट अटैक का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है।जनरल फिज़िशियन डॉ. शालिनी सिंह सालुंखे ने ऐसी 5 छोटी-छोटी आदतें बताई हैं, जिन्हें रोज़ करने से दिल मजबूत रहता है और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बनता है।
सुबह उठते ही 1 मिनट डीप ब्रीदिंग – दिल को तुरंत आराम
डॉक्टरों के मुताबिक नींद से उठते ही सबसे पहले 6 गहरी सांसें लें।सिर्फ 1 मिनट की यह डीप ब्रीदिंग शरीर में जमा रातभर का तनाव कम करती है, कॉर्टिसॉल लेवल घटाती है और ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रखती है। इससे दिल पर लोड कम पड़ता है और हार्ट अटैक का जोखिम घटता है।
खाली पेट 1 गिलास पानी – खून गाढ़ा होने से रोकता है
सुबह उठकर एक गिलास पानी पीना दिल के लिए बेहद फायदेमंद है।खाली पेट पानी खून को पतला रखता है, जिससे ब्लड क्लॉट बनने की समस्या कम होती है और दिल तक खून आसानी से पहुंचता है।डॉक्टर कहते हैं—दिन की शुरुआत पानी से करो, दिल खुद-ब-खुद स्वस्थ रहेगा।
सिर्फ 1 मिनट तेज़ वॉक – ब्लड सर्कुलेशन एक्टिव करता है
सुबह एक मिनट की तेज चाल से वॉक करने से ब्लड वेसल्स सक्रिय होती हैं और पूरे शरीर में ब्लड फ्लो बेहतर होता है।यह दिल की नसों को मजबूत करता है और ऑक्सीजन सप्लाई बढ़ाकर दिल पर तनाव कम करता है।दिन में बस 60 सेकंड चलना, दिल को पूरी तरह जगाने जैसा है।
1 मिनट ग्रैटिट्यूड – तनाव घटेगा, दिल होगा हल्का
स्ट्रेस हार्ट अटैक का सबसे बड़ा छुपा कारण है।डॉक्टरों का कहना है कि रोज़ सुबह 1 मिनट आँखें बंद कर के उन चीज़ों के लिए शुक्रिया कहें, जो आपके पास है।यह माइंड को शांत करता है, तनाव कम करता है और दिल की धड़कनें नॉर्मल रखता है।
रात को 1 मिनट स्ट्रेचिंग – ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहेगा
सोने से पहले सिर्फ 1 मिनट की स्ट्रेचिंग से रात में BP अचानक बढ़ने की समस्या कम होती है।शरीर ढीला पड़ता है, नसों में तनाव कम होता है और नींद भी अच्छी आती है।जिन लोगों को रात में चेस्ट पेन, घबराहट या हाई BP की दिक्कत रहती है, उनके लिए यह बेहद फायदेमंद है।
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हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षण – इन्हें बिल्कुल न करें नजरअंदाज
- सीने में दर्द, भारीपन या दबाव महसूस होना
- दर्द का बाएं कंधे और बांह में फैलना
- ठंडा पसीना, चक्कर, कमजोरी
- सांस फूलना, उलझन, घबराहट
- जलन या अपच जैसा महसूस होना
इनमें से कोई भी लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।




