Health Tips: आजकल की बिगड़ी हुई लाइफस्टाइल, जंक फूड और शारीरिक मेहनत की कमी की वजह से डायबिटीज जैसी बीमारी तेजी से फैल रही है। हैरानी की बात यह है कि कई बार डायबिटीज के शुरुआती लक्षण बिना किसी जांच के भी दिख जाते हैं, खासतौर पर आंखों में। अगर समय रहते इन संकेतों को पहचान लिया जाए, तो बड़ी परेशानी से बचा जा सकता है।
धुंधला दिखना हो सकता है पहला इशारा
अगर आपको अचानक धुंधला दिखने लगे, या कभी साफ और कभी धुंधला नजर आए, तो इसे हल्के में न लें। डायबिटीज में ब्लड शुगर बढ़ने-घटने से आंखों के लेंस में सूजन आ जाती है, जिससे नजर कमजोर पड़ती है। कई बार शुगर कंट्रोल होते ही यह समस्या ठीक भी हो जाती है, लेकिन लापरवाही नुकसान पहुंचा सकती है।
आंखों के आगे काले धब्बे दिखना
अगर आंखों के सामने काले धब्बे, तैरते हुए डॉट्स या धागे जैसे नजर आएं, तो यह डायबिटीज से जुड़ी समस्या हो सकती है। इसे मेडिकल भाषा में फ्लोटर्स कहा जाता है। यह संकेत आंखों की नसों में नुकसान की तरफ इशारा करता है, जिसे नजरअंदाज करना खतरे से खाली नहीं।
डायबिटीज में तेजी से बढ़ता मोतियाबिंद
अक्सर लोग सोचते हैं कि मोतियाबिंद उम्र के साथ होता है, लेकिन डायबिटीज के मरीजों में यह बहुत जल्दी और तेजी से बढ़ सकता है। आंखों की रोशनी धीरे-धीरे कम होने लगती है और अगर समय पर इलाज न हो, तो सर्जरी की नौबत आ सकती है।
ग्लूकोमा से बढ़ता अंधेपन का खतरा
डायबिटीज के मरीजों में ग्लूकोमा का खतरा ज्यादा होता है। इसमें आंखों का प्रेशर बढ़ जाता है, जिससे ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचता है। अगर समय रहते इलाज न हो, तो स्थायी रूप से नजर जा सकती है। इसलिए आंखों में भारीपन या दर्द को नजरअंदाज न करें।
बार-बार आंखों में इंफेक्शन होना
अगर आपकी आंखों में बार-बार सूजन, फुंसी, लालिमा या स्टाई (आंखों में फोड़ा) हो रहा है, तो यह भी डायबिटीज का संकेत हो सकता है। डायबिटीज में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे इंफेक्शन जल्दी पकड़ लेता है।
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कब हो जाएं सतर्क
अगर आपको इनमें से एक या एक से ज्यादा लक्षण नजर आ रहे हैं, तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करें और ब्लड शुगर की जांच कराएं। समय पर पहचान और सही इलाज से आंखों की रोशनी भी बचाई जा सकती है और डायबिटीज को कंट्रोल में रखा जा सकता है।





