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शराबियों के खिलाफ गवली समाज एकजुट – भूरा यादव
रिपोर्ट प्रदीप यादव
बैतूल।
संत सिंगाजी गवली समाज संगठन के जिला अध्यक्ष भूरा यादव ने समाज में तेजी से फैल रही शराबखोरी को लेकर कड़ा और चेतावनी भरा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि शराब अब केवल एक सामाजिक बुराई नहीं रह गई है, बल्कि यह समाज की जड़ों को खोखला करने वाला ज़हर बन चुकी है।
श्री यादव ने कहा कि आज समाज के युवा बड़ी संख्या में शराब की लत के शिकार हो चुके हैं। धार्मिक, सामाजिक एवं मांगलिक आयोजनों में शराबियों द्वारा हुड़दंग, गाली-गलौज और अशोभनीय व्यवहार आम बात हो गई है, जिससे समाज की प्रतिष्ठा को गहरी ठेस पहुंच रही है।
उन्होंने कहा कि शराबियों के कारण समाज के वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं और मासूम बच्चे भय व तनाव में जीवन जीने को मजबूर हैं। घर-घर में झगड़े, मारपीट, घरेलू हिंसा और अशांति का माहौल बन गया है। उन्होंने भावुक शब्दों में कहा कि इस पीड़ा को वही परिवार सही मायनों में समझ सकता है, जिसके घर में पति, भाई या कोई अन्य सदस्य रोज़ शराब पीकर परिवार की शांति भंग करता है।
भूरा यादव ने चेताया कि शराब का सबसे घातक प्रभाव बच्चों पर पड़ रहा है। बच्चों का भविष्य, उनका मानसिक विकास और संस्कार इस बुरी लत के कारण नष्ट हो रहे हैं। यदि समाज ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए, तो आने वाली पीढ़ी को इसके भयावह परिणाम भुगतने होंगे।
उन्होंने दो टूक कहा कि अब समझाइश का दौर समाप्त हो चुका है और समाज को कठोर एवं अनुशासनात्मक निर्णय लेने होंगे। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि शादी-विवाह एवं अन्य मांगलिक कार्यक्रमों के आमंत्रण पत्रों पर स्पष्ट और मोटे अक्षरों में लिखा जाए—
“शराबियों का प्रवेश पूर्णतः वर्जित है।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो भी व्यक्ति समाज की शांति भंग करेगा, उसके विरुद्ध सामाजिक स्तर पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अंत में उन्होंने समाज के सभी प्रबुद्धजनों, युवाओं और मातृशक्ति से आह्वान किया कि शराब के खिलाफ निर्णायक और एकजुट संघर्ष शुरू किया जाए।
“अब या तो समाज बचेगा, या शराबियों की मनमानी चलेगी — दोनों साथ नहीं चल सकते।”





